मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की सख्ती के बावजूद भी झांमपुर इलाके में लोग रातदिन अवैध तरीके से दुकानों और आलीशान मकानों का निर्माण कर रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए गमाडा ने मंगलवार को यहां करीब साठ दुकानों-मकानों के अवैध निर्माण गिराए। साथ ही अवैध तरीके से बनी कॉलोनियों की सड़कों को जेसीबी से उखाड़ दिया। गमाडा ने बाकायदा इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई है। वहीं, गमाडा ने एलान करके लोगों को साफ कहा है कि इस इलाके में किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। वहीं, गमाडा पहले ही सब रजिस्ट्रार को पत्र लिख चुका है कि इस इलाके में किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री न की जाए।
बता दें कि गमाडा की ओर से पिछले सप्ताह भी झांमपुर के इलाके में कार्रवाई करते हुए यहां किए जा रहे अवैध निर्माण गिराए थे। लेकिन, जैसे ही सरकारी छुट्टियां आई, तो लोगों ने रातों रात अवैध निर्माण कर डाले। इसके बाद जैसे ही गमाडा के फील्ड स्टाफ ने इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया तो तुरंत कार्रवाई की गई और मंगलवार को गमाडा के एसडीओ हरप्रीत सिंह की अगुवाई में जेसीबी सहित टीम झांमपुर पहुंच गई। यहां पहुंचते ही टीम बहुत कम समय में रातदिन धड़ाधड़ किए गए दुकानों और मकानों के अवैध निर्माण देखकर कर हैरान रह गई। इसके बाद गमाडा की टीम ने कार्रवाई की और जेसीबी की मदद से सभी अवैध निर्माण गिरा दिए। इस दौरान मकानों की नींव और यहां बनाई गई सड़कें तक उखाड़ दी गईं। एसडीओ हरप्रीत सिंह ने बताया कि एसीए राजेश धीमान के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए का कि खेतीबाड़ी की जमीन पर इस तरह अवैध निर्माण न करें, क्योंकि यह जमीन खेतीबाड़ी की है और यहां पर निर्माण नहीं किया जा सकता।
प्रॉपर्टी खरीदने पहले चेक करें जमीन के कागजात
जानकारी के मुताबिक यहां पर अवैध तरीके से हो रहे निर्माण को लेकर जिला प्रशासन भी सख्त है। डीसी गिरीश दियालन पहले ही कह चुके हैं कि किसी भी कीमत पर यहां अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों मेें दुकान-मकान बनाने के लिए जमीन खरीदने वाले लोग खुद जिम्मेदार होते हैं। लोग यहां पर मिल रही सस्ती जमीन के चक्कर में फंस जाते हैं। जबकि दुकान-मकान या फ्लैट आदि लेने से पहले बिल्डर के कागजात चेक करने चाहिए। किसी भी बिल्डर के पास सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) के कागजात जरूर देखने चाहिए। उसके पास गमाडा व नगर परिषद से अनुमति या रेरा का लाइसेंस देखना चाहिए। इसके बाद बाकायदा इस बारे में गमाडा के दफ्तर में जाकर पड़ताल करनी चाहिए। इसके बाद भी जमीन खरीदकर निर्माण करना चाहिए।
नामी बिल्डर ने काटी अवैध कॉलोनी
चंडीगढ़ के साथ लगते इलाके की जमीन पर अवैध तरीके से कॉलोनियां काटने का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। नामी बिल्डर जो लाखों रुपये खर्च कर अपनी कॉलोनियों का प्रचार कर रहे हैं, वे भी अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मुल्लांपुर के नजदीक इलाके में भी सामने आया है। वहां भी बसाई जा रही अवैध कॉलोनी को गमाडा ने गिरा दिया है। इसी तरह का मामला गांव सहौड़ा में भी सामने आया है और सोहाना थाने में भी इसी तरह का एक केस दर्ज हुआ है।