जीरकपुर। स्थानीय नगर परिषद के ठेका कर्मियों ने समय पर वेतन न मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया। स्थानीय नगर परिषद में ठेकेदारी प्रणाली के तहत 250 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें वेतन मिलने में 15 से 20 तारीख हो जाती है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि एक तो कम वेतन में गुजारा करना पहले ही मुश्किल होता है, ऊपर से वेतन भी समय पर नहीं मिलता है। चीफ इंस्पेक्टर रजिंदर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के साथ बातचीत की गई है।
कर्मचारी संघ एटक के स्थानीय अध्यक्ष रविंदरपाल सिंह एवं सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप सूद के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही अधिकारी प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से मिलने के लिए पहुंचे। अध्यक्ष रविंदरपाल सिंह ने बताया कि बुधवार को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में 15 अप्रैल तक उनकी मांगें मानने का आश्वासन दिया गया है और यदि प्रशासन अपनी बात से मुकरता है तो इस बार अनिश्चितकालीन समय के लिए हड़ताल की जाएगी।
ये हैं मुख्य मांगें :
- ठेकेदारी प्रणाली बंद कर कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- प्रत्येक महीने की 7 तारीख को वेतन किया जाए।
- कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए जाएं।
- सफाई कर्मियों से अन्य काम न करवाया जाए।
- कर्मचारियों को सैलरी स्लिप जारी की जाए।