मोहाली। एक समय था जब मोहाली को पूरी दुनिया में पीसीए क्रिकेट स्टेडियम के नाम से पहचाना जाता था, लेकिन बीस साल में जिले ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आज खेल से लेकर आईटी, और शिक्षा से लेकर रोजगार देने तक में मोहाली जिला अग्रणी है। इतना ही नहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान के दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चे हों या फिर इराक में युद्घ के दौरान घायल हुए सैनिकों के जख्मों पर शहर के अस्पतालों ने प्यार और अमन का मरहम लगाया। यहां तक कि पाकिस्तान से रिश्तों को मजबूत बनाने में भी मोहाली का नाम इतिहास में दर्ज है। कोविड काल में शहर के अस्पतालों ने उत्तरी भारत के लोगों को नया जीवन दिया है।
मोहाली करीब 1980 में बसना शुरू हो गया था, हालांकि पंजाब का माहौल खराब होने के कारण लोग पहले यहां बसने से डरते थे। 1993 में यहां का मशहूर क्रिकेट स्टेडियम पीसीए बना, इसके बाद मोहाली ने विकास की रफ्तार पकड़ ली। हालांकि असली विकास-2006 में जिला बनने के साथ ही और ज्यादा शुरू हुआ। विदेशों की तर्जों पर सड़कें, ऊंची इमारतें, नामी शिक्षण संस्थान, क्वार्क जैसी आईटी कंपनी, रैनबेक्सी जैसी फार्मास्युटिकल कंपनी, गोदरेज कंपनी, स्वराज ट्रैक्टर्स, एयरपोर्ट, निर्माणाधीन कामर्शियल वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, रेलवे स्टेशन जैसी अति आधुनिक सुविधाएं लोगों को मिलीं। इनके आने से युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिले। जानकारों की मानें तो मुंबई और बंगलूरू के बाद मोहाली एक ऐसा शहर है, जहां पर प्रॉपर्टी के दाम सबसे ऊंचे हैं।
शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य में शहर का नाम
मोहाली मेडिकल टूरिज्म और शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बना रहा है। शहर में जहां इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस जैसा नामी संस्थान है। तो नाईपर, नैनो टेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च और नाबी जैसे संस्थान हैं। इसके अलावा फोर्टिस, मैक्स, मायो, ग्रेशियन जैसे नामी निजी अस्पताल हैं, वहीं भविष्य में जल्द ही बड़ा मेडिकल कॉलेज शहर में बनने जा रहा है। इसके साथ ही न्यू चंडीगढ़ में मेडिसिटी बसाई जा रही है, जहां कई नामी और विदेशी अस्पताल आ रहे हैं। इसके अलावा आईटी सिटी में दो नामी यूनिवर्सिटी भी आ रही हैं।
सिंगापुर की तर्ज पर बस रहे नए शहर
मोहाली का शहरी दायरा लगातार अब बढ़ रहा है। हाल ही में नगर निगम ने घोषणा की है कि शहर के आसपास के गांव को नगर निगम में शामिल करके वहां पर विकास कार्यों के तहत सभी सुविधाएं दी जाएंगी। सिंगापुर की तर्ज पर जहां एक तरफ एयरोसिटी और आईटी सिटी बसाई गई है। वहीं, गमाडा ने मुल्लांपुर में ईको सिटी-1 और 2 बसाई है। यहां का डिजाइन और लेआउट सिंगापुर की तर्ज पर तैयार किया है। इसी तरह एक नई एयरोट्रोपोलिस सिटी बसाई जा रही है। इन शहरों की विशेषता यह है कि इनमें बिजली और टेलीफोन की तारें और सीवरेज सिस्टम जैसी सभी सेवाएं अंडरग्राउंड हैं।
देश की सबसे ऊंची और ऐतिहासिक मीनार भी अपने शहर में
देश की सबसे ऊंची मीनार का नाम सुनते ही लोगों के जहन में दिल्ली की कुतुबमीनार आती है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मोहाली के चप्पड़चिडी में स्थित ऐतिहासिक फतेह मीनार देश में उससे ऊंची है। फतेह मीनार की कुल ऊंचाई 328 फीट है, जबकि कुतुबमीनार की कुल ऊंचाई 239.5 फीट है। यह धीरे-धीरे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रही है।
देश के सबसे ज्यादा सेना के अधिकारी और खिलाड़ियों की रिहाइश मोहाली में
भारतीय सेना को अधिकारी देने हों या फिर देश के लिए विभिन्न खेलों के खिलाड़ी, तो भी शहर का कोई जवाब नहीं है। इनकी सबसे ज्यादा रिहाइश भी मोहाली में ही है। शहर में पंजाब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स स्थापित है। यहां पर विभिन्न खेलों के लिए खिलाड़ी तैयार किए जाते हैं। इन्हें विदेशी कोचों से कोचिंग दिलाई जाती है। इसके अलावा पंजाब ओलंपिक भवन, इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम और मुल्लांपुर में नया क्रिकेट स्टेडियम स्थापित है। इसी तरह महाराजा रंजीत सिंह प्रीपेटरी इंस्टीट्यूट है। यह देखने में अकसर आता है कि यहां से हर साल सेना में 15-20 युवा बतौर अधिकारी बनकर ज्वाइन करते हैं। यह संस्थान उस समय खोला गया था, जब सेना में पंजाब के मात्र दो फीसदी अधिकारी रह गए थे। इस तरह युवतियों के लिए माई भागो इंस्टीट्यूट भी शहर में है। यहां से युवतियों को सेना में भर्ती के लिए और उच्च परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है।
शहर का दीवाना बॉलीवुड और पॉलीवुड भी
शहर में अति आधुनिक और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित ऊंची इमारतें, सड़कें और सरकारी संस्थान स्थापित किए गए हैं। आम लोग तो इनकी खूबसूरती पर वैसे ही फिदा रहते हैं। अब तक पॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड के फिल्म निदेशक भी शहर की खूबसूरती के कायल हैं। यहां बहुत सी हिंदी और पंजाबी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। इनमें शाहरूख खान की फिल्म वीर जारा के अलावा दुश्मनी, नमस्ते लंदन तक शामिल हैं। जबकि पंजाबी की अधिकतर फिल्में शहर में ही शूट होती हैं। जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। यहां पर कई नामी कलाकारों ने अपने स्टूडियो तक स्थापित किए हुए हैं, जिनमें शूटिंग होती है।