मोहाली। नशे के खिलाफ जंग को मजबूत करने के साथ ही इस लत में लगे युवाओं को नया जीवन देने के लिए जिला प्रशासन आगे आया है। प्रशासन ने अब सेक्टर-66 स्थित नशा मुक्ति केंद्र और पुर्नवास केंद्र में बेडों की संख्या 50 से बढ़ाकर 70 करने का फैसला लिया है। कोशिश यही है कि युुवाओं को नशे से मुक्ति दिलाकर तंदुरुस्त बनाया जाए। उनके करिअर को नई दिशा दी जाए। डीसी अमित तलवार ने नशा मुक्ति केंद्र का जायजा लेने के बाद इस दिशा में फैसला लिया है।
डीसी ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र चीट्टे और मेडिकल नशों से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। क्योंकि यहां पर बिना अस्पताल में दाखिल किए ही मरीजों को ओपीडी के माध्यम से दवाई दी जाती है। इसके बाद वह अपने घर जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य नशा मुक्ति केंद्र के मरीजों को दी जा रही सुविधाओं के स्टॉक और प्रबंधों का जायजा लेना था। केंद्र में दाखिल मरीजों की संख्या को देखने के बाद इसके बेडों की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने केंद्र के डॉक्टरों से स्टाफ बारे में भी पूछा। साथ ही साफ किया है कि कहीं पर भी स्टाफ की जरूरत है तो उसे पूूरा किया जाएगा। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों को साफ सुथरे रखने और जरूरी प्रबंध करने के आदेश दिए है। इस मौके पर मेडिकल डिप्टी कमिश्नर डॉ. दलजीत सिंह, डॉ. गुरमुख सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
नशा छोड़ना चाहते हैं तो केंद्र से करे संपर्क
डीसी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी वजह से नशे की आदत में पड़ गई है तो उसका यहां पर मुफ्त इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे की लत इंसान को अंदर से खोखला कर देती है। इससे पहले समय व शरीर का बहुत नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति नशे से मुक्ति चाहते हैं, वह केंद्र में आकर भरती हो सकते हैं। नशा मुक्ति केंद्र में दवाईयां व अन्य सुविधाएं प्रशासन द्वारा मुफ्त दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की अन्य सुविधाओं में भी सुधार किया जाएगा।