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मोहाली में युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ठगी

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शिमला के ध्यानार्थ
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मोहाली में युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
पंजाब, हिमाचल समेत कई राज्यों के युवाओं से बैंक और कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी
पीड़ित बोले, कंपनी के अधिकारी लोगों को पुलिस के साथ उच्च संबंधों की देते हैं धमकी
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। वीआईपी जिले में इमीग्रेशन के नाम पर ठगने वाली कंपनियों पर पुलिस ने सख्ती की तो उन्होंने अब बेरोजगार युवाओं को ठगने का नया फार्मूला निकाला है। वह नामी ऑनलाइन जॉब पोर्टल से डाटा चोरी कर लोगों को फोन करते हैं। उन्हें नामी बैंकों और कंपनियों में नौकरी दिलाने के आफर देते हैं। इसके बाद जब कोई बेरोजगार इनकी बातों में आ जाता है तो उसके साथ धोखाधड़ी की जाती है। इसके अलावा जो युवा अपनी शिकायत करते हैं उन्हें धमकियां दी जाती हैं कि पुलिस के उच्च अधिकारियों से सेटिंग है। आप थानों के चक्कर काटते मर जाएंगे। इस संबंधी फेज-एक थाने में ठगी का शिकार कुछ युवाओं ने शिकायत की है।
पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गुरसेवक सिंह बताया कि उसे एक नामी कंपनी ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा है। उसे कंपनी से फोन आया और उसे अपनी बातों में फंसा लिया था। कंपनी ने उससे पहले 4000 रुपये जमा करवा लिए थे। फिर कहा कि उसे मेडिकल करवाना होगा। गुरसेवक ने कहा कि वह खुद किसी सरकारी अस्पताल में जाकर मेडिकल करवा लेगा। कंपनी ने उसे सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाने से मना कर दिया और खुद एक एड्रेस दिया जहां से मेडिकल करवाना है। उस मेडिकल के पैसे अलग से थे। कुछ दिन बीत गए, लेकिन उसे किसी भी कंपनी में नौकरी नहीं लगवाया गया।
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खुद ही बैंक के अधिकारी बन ले लिया इंटरव्यू
एक लड़की व लड़के ने कहा कि वह भी फेज-एक की कंपनी के चंगुल में आ गए थे। कंपनी वालों ने उससे 3500 रुपये मांगे थे, लेकिन उसके पास उस समय 3000 रुपये ही थे और उतने रुपये उन्हें दे दिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि मेडिकल के अलग से रुपये देने पड़ेंगे। उन्होंने उसे एक बड़े प्राइवेट बैंक में मैनेजर की पोस्ट खाली होने की बात कही और वहां जाकर इंटरव्यू देने को कहा। इसके बाद वह वहां पर इंटरव्यू देने के लिए गया। वहां पर उससे काफी सवाल पूछे गए। पीड़िता ने कहा कि उसे इंटरव्यू दिए हुए एक हफ्ता बीत गया, लेकिन उसे कंपनी की ओर से कोई फोन नहीं आया। बाद में उन्हें पता चला कि उनसे धोखा हुआ है।
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