कुराली अस्पताल के बाहर भूख हडताल पर बैठे लोग।
- फोटो : MOHALI
कुराली। शहर के सीएचसी सेंटर को अपग्रेड करके सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रहे संघर्ष के बाद अब सेहत विभाग हरकत में आ गया है। सेहत विभाग की तरफ से कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में 4 अलग-अलग डॉक्टरों की अस्थायी तौर पर नियुक्ति कर दी गई। हालांकि लोगों ने अपनी सभी मांगों को पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखने का फैसला लिया है।
सीएचसी के बाहर रणजीत सिंह काका के नेतृत्व में भूख हड़ताल पर बैठे शहर और क्षेत्रवासियों को 9 दिन हो गए हैं। बुधवार को प्रो. जगतार सिंह, बलजीत सिंह खैरपुर और बुजुर्ग प्यारा सिंह बैठे। इस दौरान गो सेवा कमीशन पंजाब के वाइस चेयरमैन कमलजीत चावला और एसएमओ डॉ. बीरइन्द्र कौर भूख हड़ताल कैंप में पहुंचे। उन्होंने धरनाकारियों को बताया कि उनको कैबिनेट मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू की ओर से भेजा गया है और डॉक्टरों की तैनाती का हवाला देते हुए धरना खत्म करने की अपील की।
इस मौके पर धरने का नेतृत्व कर रहे रणजीत सिंह काका ने कहा कि जब तक सीएचसी को अपग्रेड करके इसको सिविल अस्पताल दर्जा और सभी सेहत सुविधाएं पक्के तौर पर उपलब्ध नहीं करवाई जाती है तब तक भूख हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी। इस मौके पर अरविन्द्र सिंह पैंटा, दर्शन सिंह कंसाला, हरदेव सिंह, अमनदीप सिंह, सर्बजीत सिंह, सुरिन्द्र लहल, सोहन सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।
यह तैयारी भी अभी तक फाइलों में
रणजीत सिंह काका ने कहा कि सांसद मनीष तिवारी की ओर से 19 फरवरी 2020 में यहां पर ट्रामा सेंटर और 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाने का दावा किया था। सांसद के अनुसार उन्होंने अपनी सिफारिश सहित पूरी फाइल प्रिंसिपल सेक्रेटरी हेल्थ को भेजी है, जोकि सेहतमंत्री के पास है। कांग्रेस की धडे़बाजी और हलका विधायक आप पार्टी का होने कारण यह भेदभाव किया जा रहा है।
फोटो कुराली अस्पताल के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे लोग।