मोहाली। पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान चार गुर्गों को गिरफ्तार किया है। यह बदमाश विदेश बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे। उनके इशारे पर पंजाब में गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल थे। एजीटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी निर्मित .30 कैलिबर की पिस्टल और आठ कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान पटियाला के गांव उगाना निवासी अरमान सिंह, गांव नालास खुर्द निवासी चिराग, राजपुरा स्थित गांव नालास कलां निवासी रविंदर सिंह उर्फ राहुल, और गांव धामोली निवासी अक्षय उर्फ प्रिंस के रूप में हुई है।
पुलिस ने एक होंडा अमेज कार भी बरामद की है। इसमें ये आरोपी सफर कर रहे थे। एजीटीएफ ने बताया कि शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि अक्षय उर्फ प्रिंस जुलाई 2025 में अबोहर में वियर वेल शोरूम के मालिक की हत्या में शामिल था, जहां उसने कथित तौर पर मुख्य हमलावरों को लॉजिस्टिक सहायता (साजो-सामान संबंधी मदद) मुहैया कराई थी। इस मामले में आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाने के लिए जांच जारी है, और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) प्रमोद बान ने बताया कि अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर मोहाली की ओर संदिग्धों की आवाजाही के संबंध में मिली विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, एक संयुक्त टीम ने रणनीतिक स्थानों पर नाकेबंदी (चेकपॉइंट) की।
इस अभियान के दौरान आरोपियों को जनेतपुर लिंक रोड के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए गुर्गों को उनके विदेश में बैठे आकाओं द्वारा राज्य में बड़े अपराधों को अंजाम देने का काम सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि इनकी गिरफ्तारी से इस क्षेत्र में कई गंभीर आपराधिक घटनाओं को टाल दिया गया है। मोहाली के डेराबस्सी पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।