मोहाली। स्टेट क्राइम पुलिस ने हनी ट्रैप में फंसाकर एक युवक पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाने और उससे आठ लाख रुपये में समझौता करने आरोप में एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 388 (झूठे आरोप लगाकर धमकी देकर जबरन वसूली करना) व 120बी (षडयंत्र रचने) के तहत केस दर्ज किया है।
मोहाली के गांव सफीपुर का रहने वाले युवक गुरविंदर सिंह को एक महिला और उसके साथी ने हनी ट्रैप में फंसाकर पहले फेज-11 में दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज करवाया और बाद में उससे 25 लाख रुपये लेकर समझौता कर लिया। पीड़ित युवक गुरविंदर सिंह के पिता मलकीत सिंह ने स्टेट क्राइम पुलिस को शिकायत देकर जांच दोबारा करने की अपील की थी। जांच में युवती और उसका साथी दोषी पाए गए हैं और अब इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान दिलहरजीत सिंह निवासी ज्ञानी जैल सिंह नगर रोपड़ और नतीशा उर्फ सुनैना निवासी राम दरबार फेज-1 चंडीगढ़ के रूप में हुई है। यहीं नहीं जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों लंबे समय से लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर उनसे लाखों रुपये की फिरौती मांग चुके हैं। आरोपी दिलहरजीत के खिलाफ 6 अक्तूबर-2023 को कीरतपुर साहिब जिला रोपड़ के गांव भरतगढ़ की रहने वाली सुनीता देवी ने भी रोपड़ थाने में केस दर्ज करवाया था। इसके अलावा उक्त दोषियों पर दो अन्य हनी ट्रैप के मामले रोपड़ क्षेत्र में दर्ज हैं।
मलकीत सिंह ने स्टेट क्राइम पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसे मकान बनाने के लिए बैंक लोन चाहिए था। उसने दोस्त जसबीर सिंह से बात की तो उसने दिलहरजीत से उसकी मुलाकात करवा दी। कम समय में दिलहरजीत सिंह ने उन पर विश्वास बना लिया और अलग-अलग बहाने बनाकर (कभी लोन के लिए बैंक मैनेजर तो कभी कागजात के नाम पर) उनसे पैसे लेता गया। उसने मलकीत सिंह को कहा कि बैंक लोन उसके नाम से नहीं होगा इसलिए वह अपनी प्रॉपर्टी बेटे गुरविंदर सिंह नाम ट्रांसफर कर दे। कुछ दिन बाद दिलहरजीत ने आईआईएफएल फाइनांस बैंक से उनका 27 लाख 25 हजार 152 रुपये का लोन बेटे के नाम पर करवा दिया। उसकी असल साजिश यहां से शुरु हुई। वह लोन की सारी रकम वसूलना चाहता था। उसने उन्हें लालच दिया कि उसके दीदी व जीजा बलाचौर में 10 एकड़ जमीन बड़े सस्ते दाम 26 लाख रुपये में बेच रहे हैं। उसने कहा कि अगर वह यह जमीन खरीदते हैं तो वह इस पर बड़ा लोन ले सकते हैं और अपने हाउस लोन का भुगतान आसानी से कर सकते हैं। दिलहरजीत का प्लान था कि गुरविंदर सिंह के खाते में आते ही यह सारी रकम निकलवा ली जाए। लोन की रकम दो किश्तों में आई। पहली किश्त 7 लाख 31 हजार 400 रुपये जैसे ही गुरविंदर के खाते में आई उसमें से 6 लाख रुपये दिलहरजीत ने लेक से निकाल लिए। दूसरी रकम 17 लाख 6 हजार 752 रुपये आई और उसके बाद दिलहरजीत ने 10 लाख रुपये निकाल लिए। बाकी बची रकम भी उसने बहाने बनाकर निकाल ली। लेकिन जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम नहीं करवाई और उनका फोन उठाना बंद कर दिया। जब वह उसके घर गया तो उसने उनके बेटे को हनी ट्रैप में फंसाने का प्लान बनाया ताकि उसे रकम वापस न देनी पड़े।
दिलहरजीत ने 4 नवंबर 2022 को गुरविंदर सिंह को फोन पर कहा कि रजिस्ट्री करवाने की तारीख 8 नवंबर तय हुई है और 5 नवंबर को वह उनसे 8.5 लाख रुपये की बकाया रकम लेने के लिए मिलेगा। 5 नवंबर को गुरविंदर ने नताशा उर्फ सुनैना से फोन करवाया और कहा कि वह दिलहरजीत के दफ्तर से बोल रही है। फेज-11 में रैड स्टोन होटल में बकाया पेमेंट का लेनदेन होगा। नताशा ने गुरविंदर को कहा कि वह उसे पिक कर ले वह साथ चलेगी। गुरविंदर ने उसे अपने साथ कार में बिठाया और होटल पहुंच गए। रास्ते में नताशा ने दिलहरजीत को फोन किया और कहा कि वह होटल के कमरे में उसका इंतजार करे वह जाम में फंसा हुआ है। होटल पहुंचकर नताशा ने कहा कि वह अपना आईकार्ड नहीं लाई और कमरा गुरविंदर सिंह के नाम पर बुक करवा लिया। कुछ समय बाद दिलहरजीत ने दोबारा नताशा को फोन किया कि वह होटल नहीं पहुंच पाएगा इसलिए वह दफ्तर में आ जाए। अगले दिन फेज-11 थाने में गुरविंदर सिंह को फोन आया कि उनके खिलाफ नताशा ने रेप की शिकायत दी है। पुलिस ने गुरविंदर के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कर दिया। तब उन्हें पता चला कि यह चाल उन्हें फंसाने के लिए की गई थी जबकि रेप का आरोप लगाने वाली नताशा को कोई मेडिकल नहीं हुआ था। शिकायत के तीन दिन बाद दिलहरजीत और नताशा उर्फ सुनैना ने उसके साथ 8.5 लाख रुपये लेकर समझौता किया जिसमें 3 लाख रुपये नकद और 5.5 लाख रुपये की रकम दिलहरजीत ने अपने नाम का चैक ले लिया। उसके बाद नताशा ने शिकायत वापिस ले ली। स्टेट क्राइम ने मामले की दोबारा से जांच की और जांच में दोनों दोषी पाए गए जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।