मोहाली। मानवीय तस्करी करके लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगने का रैकेट चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर एनआरआई के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया गया है। यह मामला कई लोगों की शिकायत पर स्टेट क्राइम पुलिस ने दर्ज किया है। आरोपी की पहचान अमेरिका में रह रहे एनआरआई रशविंदर सिंह उर्फ रोमी के रूप में हुई जो कि संगरूर के गांव दिड़बा का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 व 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है। यह मामला इंस्पेक्टर बलजीत कोर ईओ विंग की रिपोर्ट के बाद दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में जसप्रीत सिंह ने बताया कि उसने अपने दोस्त कुलविंदर सिंह को रशविंदर सिंह उर्फ रोमी से मिलाया था। कुलविंदर सिंह व जसप्रीत सिंह दोनों का यूक्रेन का वीजा रशविंदर सिंह उर्फ रोमी ने लगवाकर दिया था। उसने बदले में जसप्रीत सिंह से 6 लाख 40 हजार रुपये लिए थे। 31 मार्च 2021 को दोनों यूक्रेन के लिए रवाना हो गए। जब वह यूक्रेन एयरपोर्ट पर पहुंचे तो जसप्रीत को अंग्रेजी न आने के कारण भारत वापस भेज दिया। कुलविंदर सिंह यूक्रेन में ही रह गया। जसप्रीत सिंह भारत वापस आने के बाद रशविंदर सिंह के पास एक महीना रहा। इसके बाद रशविंदर ने उसे दुबई भेज दिया। थोड़े दिन बाद जसप्रीत को दुबई से भी वापस भेज दिया गया। रशविंदर ने जसप्रीत को धोखे में रखा और उसके लौटने पर खाली पेपर पर साइन करवाकर उसके पैसे ठग लिए।
इसी तरह कुलविंदर सिंह की मां जसविंदर कौर ने आरोप लगाया कि मार्च 2021 में उसके बेटे कुलविंदर सिंह को रशविंदर सिंह रौमी ने विदेश भेजने के नाम पर 12 लाख रुपये लिए थे। उसने कुलविंदर की सिंगापुर की फाइल लगाई लेकिन वीजा नहीं आया। रौमी ने कुलविंदर की बैलारूस की फाइल लगाई और 4 लाख रुपये और ले लिए। लेकिन बैलारूस का वीजा भी नहीं आया। बाद में रशविंदर ने उन्हें बताए बिना कुलविंदर को दुबई भेज दिया। लेकिन उसकी उम्र 16 साल से कम होने के कारण उसे एयरपोर्ट से ही डिपोर्ट कर दिया गया। बाद में रशविंदर ने कुलविंदर को यूक्रेन भेज दिया और उससे 4 लाख नकद व 70 हजार टिकट के ले लिए। कुलविंदर को यूक्रेन में काम नहीं मिला। जब कुलविंदर की मां रशविंदर के पास गई तो रशविंदर ने एक बयान पर यह कहकर जबरन साइन करवा लिए कि अगर उसने इन बयानों पर हस्ताक्षर नहीं किए तो उसके बेटे कुलविंदर को यूक्रेन में ही मरवा देगा। कुलविंदर की मां ने उसे वापिस भारत बुला लिया लेकिन रशविंदर ने उसके लिए भी उनसे 70 हजार रुपये ले लिए।
इसके अलावा जांच में यह सामने आया कि रशविंदर सिंह ने गुरदीप सिंह व बलजीत सिंह निवासी सिद्धू पत्ती गांव गागा जिला संगरूर को भी विदेश भेजने के नाम पर ठगा है। रशविंदर ने उन्हें भी सिंगापुर का वीजा लगाकर देने के लिए कहा और पहले 80 हजार रुपये प्रति व्यक्ति रजिस्ट्रेशन के नाम से ले लिए। बलजीत सिंह ने यह रकम रशविंदर की पत्नी गिन्नी शर्मा के खाते में ट्रांसफर किए। गुरदीप सिंह ने रकम उसकी मां रेनी बाला के घर जाकर दी। रकम लेने के बाद रशविंदर ने कहा कि उनका सिंघापुर का वीजा नहीं लग रहा है, बैलारूस का वीजा लगा देगा क्योंकि वह खुद भी परिवार सहित बैलारूस जा रहा है। रशविंदर सिंह ने बलजीत व गुरदीप दोनों से प्रति व्यक्ति 4-4 लाख रुपये के हिसाब से कुल 8 लाख रुपये ले लिए। यह रकम दोनों ने रशविंदर के ससुर राम लाल ठेकेदार को उसके घर पर दी। रकम देते हुए दोनों ने वीडियो बना ली। बाद में रशविंदर ने बैलारूस की टिकट लेने के बहाने इन दोनों से 80 हजार रुपये खुद नकद ले लिए और उन्हें फर्जी टिकट थमा दी। लेकिन एयरपोर्ट पर उन्हें पता चला कि उनका वीजा ही नहीं लगा। बाद में रशविंदर ने उन्हें झांसे में लेकर दुबई भेज दिया जहां रशविंदर का साथी जैकब ने उन्हें काम दिलाने के बदले में 1500 दिराम प्रति व्यक्ति के हिसाब से 3000 दिराम मांगे। पैसे देने के बाद भी उन्हें काम नहीं मिला। गुरदीप सिंह 21 अक्तूबर 2021 और बलजीत सिंह 16 अगस्त 2022 को भारत वापस आ गए। सभी ने स्टेट क्राइम पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए जिसके बाद जांच में रशविंदर सिंह दोषी पाया गया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।