मोहाली। विदेश से मंगवाई गई ट्री-प्रूनिंग मशीन के रिकॉर्ड की फाइल लंबे समय से नगर निगम दफ्तर से गायब थी, आखिरकार वह शुक्रवार को मिल ही गई।
इस फाइल को तलाशने के लिए जब नगर निगम कमिश्नर ने स्टाफ को अल्टीमेटम दिया तो इसके ठीक तीन दिन बाद संबंधित शाखा के मुलाजिम खुद ही फाइल लेकर कमिश्नर के सामने पेश हो गए। इसके बाद फाइल को चेक किया गया है। रिकॉर्ड वाली फाइल मिलने की पुष्टि खुद निगम कमिश्नर कमल कुमार गर्ग ने की है।
उन्होंने बताया कि अब गायब हुई फाइल को लेकर चल रहा भ्रम पूरी तरह से खत्म हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को नगर निगम के पूर्व पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने निगम कमिश्नर और स्थानीय निकाय के मंत्री को शिकायत पत्र लिखा था। बेदी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि नगर निगम दफ्तर से ट्री-प्रूनिंग मशीन संबंधी रिकॉर्ड वाली फाइल गायब हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जनवरी, 2017 को ट्री-प्रूनिंग मशीन खरीदने के लिए एक कंपनी को 89.50 लाख रुपये की एडवांस पेमेंट कर दी गई थी। बाद में मशीन खरीद विवादों में घिरने के बाद पंजाब सरकार की तरफ से जांच करवाई गई और कुछ अधिकारियों को चार्जशीट भी किया गया था। इस जांच के दौरान पंजाब सरकार ने मशीन खरीद मेें भारी खामियां सामने आने पर नगर निगम की तरफ से खर्च किए गए 89.50 लाख रुपये की रिकवरी करने के आदेश जारी किए थे। मशीन के टेंडर भी रद्द करने के आदेश जारी कर दिए गए। सरकार की तरफ से मशीन की खरीद संबंधी पाई गई खामियों की जांच के लिए रिटायर्ड एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज को पड़ताल सौंपी गई थी।
जज ने 20 अक्तूबर, 2019 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें उन्होंने खरीद संबंधी त्रुटियों की पुष्टि की थी। बेदी ने कहा कि अब नगर निगम मोहाली उपरोक्त मशीन वाली कंपनी को दी गई एडवांस पेमेंट समेत ब्याज इस समय लगभग दो करोड़ रुपये बनती है। जो कि अभी तक वापस नहीं की गई है। ऐसे में रिकॉर्ड गायब हो गया। इसके बाद नगर निगम के कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन दिन में फाइल तलाशने का अल्टीमेटम अपने स्टाफ को दिया था।