मोहाली। किसानों की जमीनें अधिगृहीत (एक्वायर) करने के बाद गमाडा की ओर से किसानों को बनता मुआवजा अदा करने पर की मांग लेकर किसानों ने मंगलवार को गमाडा दफ्तर के बाहर धरना लगा दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गमाडा दफ्तर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के नेताओं और किसानों ने आरोप लगाया कि गमाडा अधिकारियों की ओर से उनकी सुनवाई नहीं की गई। इस कारण उन्होंने धरना लगाया है। बाद में मौके पर पहुंचे डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने किसानों को शांत किया और गमाडा के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक ने गमाडा के गेट पर आकर किसानों से उनका मांग पत्र लिया। इस संबंधी बनती कार्रवाई का भरोसा दिया जिसके बाद किसानों की ओर से धरना खत्म किया गया। किसानों ने कहा कि वह आज यहां चेतावनी देने के लिए आए थे और अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो आने वाली 15 फरवरी को गमाडा दफ्तर के बाहर अनिश्चित समय के लिए धरना लगाया जाएगा।
किसान मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के जिला प्रधान दविंदर सिंह देहकलां की अगुवाई में गमाडा अधिकारियों को किसानों की जमीनों का मुआवजा अदा करने की मांग को लेकर मांगपत्र देने आए थे। इस दौरान गमाडा के सुरक्षा कर्मचारियों ने गमाडा के गेट को अंदर से कुंडी लगा ली और कहा कि अधिकारी यहां आकर मांग पत्र लेंगे। इस मौके किसान गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए और जब काफी देर तक कोई नहीं आया तो उन्होंने गेट के बाहर ताला जड़ दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। किसानों के भड़कने पर गमाडा अधिकारियों को हाथ पांव की पड़ गई।
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर पहुंचे डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने किसानों को शांत किया और गमाडा के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक अमरिंदर सिंह टिवाना ने गेट पर आकर यूनियन के सदस्यों से मांगपत्र हासिल किया और भरोसा दिलाया कि इस संबंधी जल्द कार्रवाई की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के जिला प्रधान दविंदर सिंह और जरनल सचिव जसपाल सिंह नियामियां ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक तरीके से गमाडा के अधिकारियों को मांगपत्र देने आए थे, पर जब वह गमाडा के गेट पर पहुंचे तो गमाडा के कर्मचारियों ने गमाडा का गेट बंद कर ताला जड़ दिया। उन्होंने कहा कि गमाडा की ओर से उनकी जमीनों को एक्वायर किया गया है लेकिन उसका अब तक मुआवजा नहीं दिया गया और गमाडा किसानों के साथ धक्केशही कर रहा है।