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Mohali News: किसानों ने किया अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे जाम<bha>;</bha> राहगीर परेशान होकर ढूंढते रहे दूसरे रास्ते

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मोहाली/लालड़ू/खरड़/जीरकपुर/डेराबस्सी/नयागांव। भारतीय किसान यूनियन की ओर से जिले में पंजाब बंद के आह्वान पर सोमवार को किसानों का धरना पूरी तरह सफल रहा। मोहाली, खरड़, कुराली, लांडरां, न्यू चंडीगढ़ में मुल्लांपुर बैरियर और लालड़ू, डेराबस्सी और जीरकपुर व आसपास किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। इसकी वजह से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, पंजाब रोडवेज की बसों के न चलने के कारण भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे पर जाम लगने से यात्री भटकते रहे और दूसरे वैकल्पिक रास्ते तलाशते रहे, लेकिन अन्य रास्तों पर भी उनको परेशान होना पड़ा।
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किसानों ने अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर लालड़ू के पास सरसीनी, दप्पर टोल प्लाजा और सरसीनी रेलवे लाइन पर अपने वाहन खडे करके दरियां बिछाकर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों के इस धरने और हाईवे बंद करने से राहगीर परेशान हो गए और अपने गंतव्य को जाने के लिए रास्ते ढूंढते दिखाई दिए। किसानों ने एंबुलेंस सहित आपातकालीन सेवाओं को विशेष तौर पर रास्ता दिया गया। बंद के दौरान लालड़ू मंडी सहित आसपास की सभी बाजार बंद रहे।
भारतीय किसान एकता सिद्धुपुर किसान यूनियन के ब्लाॅक प्रधान जसविंदर सिंह टिवाणा के नेतृत्व में अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित सरसीनी पर और भाकियू क्रांतिकारी पंजाब के राज्य नेता बलजीत कौर मख्खू के नेतृत्व में भाकियू शहीद भगत सिंह (हरियाणा), भाकियू लक्खोवाल ब्लाॅक डेराबस्सी ने संयुक्त तौर पर दप्पर टोल प्लाजा पर ट्रैक्टर सहित अन्य वाहन हाईवे पर खडे करके पूरी तरह से जाम कर दिया।
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इस मौके पर किसान नेता जसविंदर सिंह टिवाणा ने सरसीनी धरने पर आए किसानों और कार्यकर्ताओं को केंद्र की ओर से किसानों के साथ किए जा रहे अन्याय के बारे में बताया और कहा कि भाकियू एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल इसके लिए आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर डल्लेवाल का समर्थन करना होगा और आंदोलन में जान डालनी होगी, ताकि आंदोलन को शीर्ष तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने शंभू और खनौरी सीमा पर रोजाना उपस्थित होने की भी अपील की।

लालड़ू और हंडेसरा में पांच जगह बंद रखे रास्ते
अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर सरसीनी गांव, लालड़ू आईटीआई चौक, लेहली चौक, हंडेसरा रोड और दप्पर टोल प्लाजा पर किसानों की ओर से वाहनों को वापस जाने के लिए कहा जा रहा था, इस दौरान पूरा हाईवे चंडीगढ़ की ओर पूरी तरह से सुनसान नजर आया। यहां पर किसानों ने ट्रैक्टर ट्रॉली और अन्य वाहन खड़े करके रास्ता बंद कर रखा था। सिर्फ मरीजों, आर्मी वाहनो, पेपर दे रहे बच्चों और एंबुलेंस को ही जाने दिया जा रहा था।

कैदियों को लेकर वापस जाएं
सरसीनी में धरना लगाए किसानों ने अंबाला से कैदियों को लेकर कोर्ट जाने वाली गाड़ी को भी निकलने नहीं दिया। उन्होंने थोड़ी देर बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा कि हमारा सहयोग करें, आप वापस लौट जाएं। आखिरकार कैदियों को लेकर आई बस को थक हारकर वापस ही लौटना पड़ा।

कनाड़ा से आए परिवार को मिन्नत के बाद जाने दिया
कनाडा से पंजाब आए एक परिवार को किसानों ने दो घंटे तक मिन्नत के बाद जाने दिया। यह परिवार वास्तव में माछीवाड़ा जा रहा था। परिवार को सरसीनी में करीब दो घंटे रोक लिया गया। जब परिवार ने बताया कि पहले उनकी फ्लाइट करीब छह घंटे लेट थी, और अब यहां हाईवे पर किसानों के धरने के कारण वे मुश्किल में पड़ गए हैं। छोटे बच्चों को पिलाने के लिए जो उनके पास दूध था वह भी खत्म हो चुका है। यह सुनकर किसानों ने उनको जाने दिया।

बस से उतरकर पैदल निकले दोस्त
दिल्ली से बस में मनाली घूमने जा रहे जा रहे कुछ दोस्त अरमान, वरिंदर और अन्य के अरमान हाईवे के जाम में ही धरे रह गए। यह सभी मनाली के लिए जा रहे थे लेकिन उनको यहां सरसीनी में हाईवे पर रोक लिया गया, ऐसे में यह सभी सरसीनी में बस से उतरकर चंडीगढ़ की ओर पैदल रवाना हुए।

अभिनेता शाहरूख खान के साथ खड़ा अंबाला का वैभव अरोड़ा:

अभिनेता शाहरूख खान के साथ खड़ा अंबाला का वैभव अरोड़ा:

अभिनेता शाहरूख खान के साथ खड़ा अंबाला का वैभव अरोड़ा:

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