मोहाली। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के 10वें संस्करण का आयोजन नाईपर मोहाली में उत्साहपूर्वक किया गया। इस बार आयुष मंत्रालय ने थीम-जन और पृथ्वी के लिए आयुर्वेद घोषित किया था। इसी के इर्द-गिर्द पूरा कार्यक्रम केंद्रित रहा। मुख्य अतिथि के तौर पर इमामी लिमिटेड के सलाहकार और पूर्व सीईओ (टेक्निकल) डॉ. सीके कटियार ने शिरकत की।
नाईपर के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने कहा कि आयुर्वेद न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के लिए भी अहम है। उन्होंने कहा कि एक दशक में आयुर्वेद दिवस एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। प्राकृतिक उत्पाद विभाग के प्रमुख प्रो. इंदर पाल सिंह ने आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नाईपर फाइटोफार्मास्यूटिकल्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स और प्राकृतिक उत्पादों के विकास में लगातार काम कर रहा है ताकि आयुर्वेद को वैज्ञानिक आधार पर आगे बढ़ाया जा सके।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों के चार महत्वपूर्ण व्याख्यान हुए
डॉ. सीके कटियार ने आयुर्वेद में भ्रामक विज्ञापनों से बचाव और वैज्ञानिक प्रमाण की आवश्यकता पर बात रखी। डॉ. एमएम निधिन ने युवाओं को आयुर्वेद से जोड़ने पर जोर दिया। पीवी भारतम ने -आयुरइनफॉर्मेटिक्स के जरिए पारंपरिक चिकित्सा अनुसंधान को नई दिशा देने की संभावनाएं बताई। डॉ. उमा रंजन लाल ने फाइटोफार्मास्यूटिकल्स और बायोएक्टिव्स के जरिए आधुनिक औषधि खोज में आयुर्वेद की भूमिका समझाई। इसके अलावा छात्रों ने पोस्टर प्रस्तुति सत्र का आयोजन किया। इसमें आयुर्वेद और प्राकृतिक उत्पादों पर किए शोध प्रस्तुत किए। बेहतरीन पोस्टरों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में लगभग 150 कर्मचारी और छात्र मौजूद रहे। खास बात यह रही कि नाईपर में चल रहे आईटीईसी कार्यक्रम के तहत 14 देशों से आए 22 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। इससे कार्यक्रम को वैश्विक स्वरूप मिला। अंत में डॉ. उमा रंजन लाल ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।