कुराली। कृष्णा मंडी में शहरवासियों के सहयोग से आयोजित राम लीला के दूसरे दिन का उद्घाटन समाजसेवी ध्रुव मनरो ने किया और भगवान राम के दरबार में ज्योति प्रज्जवलित की। राम लीला की शुरुआत धार्मिक भजन के साथ हुई। इसके बाद राम लीला के पात्रों ने बाल रूप में भगवान राम और लक्ष्मण को शिक्षा ग्रहण के लिए राजा दशरथ ने ऋषि विश्वामित्र के पास भेज दिया।
इस दाैरान जैसे ही चाची ताड़का का दृश्य मंचित हुआ, मुंह से आग उगलती हुई ताड़का को देखकर दर्शक भयभीत हो गए और उत्साह में झूम उठे। जंगल में ऋषि-मुनियों की तपस्या भंग करना और भगवान राम की ओर से राक्षसी चाची ताड़का का वध करना जैसे दृश्य भी प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर राम लीला देखने आए विपिन कुमार ने कहा कि ऐसे मंचन हमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीलाओं से परिचित कराते हैं और हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। दर्शकों ने इस भव्य मंचन और पात्रों के जीवंत अभिनय की खूब सराहना की। संवाद