मोहाली। भ्रष्टाचार के आरोप में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार वन विभाग के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और संगत सिंह गिलजियां के भतीजे व वकील दलजीत सिंह गिलजियां द्वारा लगाई जमानत याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। हालांकि जमानत याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों की तरफ से एक के बाद एक दलीलें पेश की गई थीं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था लेकिन सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों की तरफ से लगाई जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत द्वारा सुनाए आदेश की कॉपी को अभी रिलीज नहीं किया गया। अभी इन्हें जेल में ही रहना होगा। वहीं अब जमानत के लिए दोनों की तरफ से पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत पर आरोप है कि इन्होंने मंत्री पद पर रहते हुए खैर के पेड़ों की कटाई को लेकर प्रति पेड़ 500 रुपये और अधिकारियों का मनपसंद जगहों पर तबादला करने के एवज में लाखों रुपये की रिश्वत ली। इसमें डीएफओ की ट्रांसफर के लिए 10 से 20 लाख, रेंजर्स की ट्रांसफर के लिए 5 से 8 लाख, ब्लॉक अफसर की ट्रांसफर के लिए 5 लाख और फॉरेस्ट गार्ड से 2 से 3 लाख रुपये रिश्वत ली है।
दूसरी ओर एडवोकेट दलजीत सिंह गिलजियां (पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलजियां के भतीजे) पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलजियां के मंत्री पद रहते हुए ट्री-गार्ड की खरीद में प्रति ट्री-गार्ड 800 रुपये के हिसाब से ली गई 6.40 करोड़ रुपये रिश्वत को इधर से उधर संभाला था। इसके साथ ही वह पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां के खिलाफ दर्ज हुए केस की पैरवी कर रहे थे।