जीरकपुर। शहर में हर चौराहे और सड़क पर लंबे-लंबे जाम लगना आम है। वाहन चालकों के लिए जीरकपुर क्रॉस करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। कई बार जाम में फंसे लोगों को यह कहते भी सुना गया है कि सरकार जैसे अन्य शहरों के नाम बदल रही है, वैसे ही जीरकपुर का नाम बदलकर जामपुर कर देना चाहिए। लोगों के अनुसार सबसे ज्यादा जाम लगने के दो मुख्य कारण हैं। इसमें एक तो सड़कों के किनारे दुकानदारों द्वारा किया गया अवैध अतिक्रमण है।
इससे सड़कें प्रतिदिन तंग होकर जाम को बढ़ावा दे रही हैं। दूसरा कारण वाहनों और ऑटो काे सड़कों के किनारे मनमाने ढंग से खड़ा कर देना है। शहर के लोग या खरीदारी करने वाले कहीं भी अपने वाहन पार्क कर देते हैं। इससे जाम लग जाता है। इसी तरह ऑटो चालक भी सवारियों को चढ़ाने और उतारने के लिए जहां मर्जी ऑटो रोक देते हैं। कई बार ऑटो सड़क किनारे ही घंटों खड़े रहते हैं। इस कारण पीछे गाड़ियों की लंबी लाइन लग जाती है। इस जाम से निजात पाने के लिए घंटों बर्बाद हो जाते हैं। स्थानीय लोगों को तो वैकल्पिक रास्तों की जानकारी होती है, लेकिन दूर-दराज से आने वाले लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है। लोगों ने इस जाम से निजात दिलाने की मांग की है।
सड़कों के किनारे लोगों द्वारा किए अतिक्रमण को हटाना नगर परिषद का काम है। सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करने वालों पर पहले भी कार्रवाई करते आए हैं, आगे भी करते रहेंगे। किसी को भी नियमों का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। -इंस्पेक्टर गुरवीर सिंह बड़ैच, प्रभारी, ट्रैफिक पुलिस जीरकपुर