मोहाली। सेक्टर-67 के जलवायु विहार में बिजली संकट को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। सामुदायिक भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जलवायु विहार के अध्यक्ष कमांडर आईएस परमार ने की। इस दौरान जलवायु विहार और सेक्टर-67 के करीब 125 निवासियों ने भाग लिया और बिजली आपूर्ति में आ रही लगातार बाधाओं पर गहरी चिंता जताई। बैठक में बिजली कटौती के पीछे तकनीकी खामियों और बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल को मुख्य कारण बताया गया। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि वह हड़ताल करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करें, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
इस अवसर पर जलवायु विहार रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव बीएस ढिल्लों ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को बिजली की फ्री स्कीमों पर पुनर्विचार करना चाहिए और उस बजट को ढांचागत सुधारों में लगाया जाना चाहिए। उनके इस प्रस्ताव को उपस्थित सभी लोगों का समर्थन मिला।
वहीं, सेक्टर-67 की वार्ड नंबर-25 की पार्षद मंजीत कौर और आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एनएस कलसी ने बताया कि आए दिन की बिजली कटौती से बुजुर्गों, बच्चों और कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सुविधा का मामला नहीं, बल्कि आम जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा विषय बन चुका है। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब एक स्थायी फोरम बनाया जाएगा, जो सीधे पीएसपीसीएल के अधिकारियों से संवाद कर इलाके की समस्याओं को उठाएगा और समाधान की मांग करेगा। जब तक समाधान नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।