मोहाली/जीरकपुर/खरड़/डेराबस्सी। जिले की तीनों सब डिवीजन में बिजली संकट गहराया हुआ है। एरोसिटी के नजदीक दो टैंपरेरी कैनेडियन टावर लगाकर जीरकपुर के सभी इलाकों में 48 घंटे बीत जाने के बाद शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे तक मुश्किल से बिजली सप्लाई बहाल की गई। वहीं, डेराबस्सी में बिजली गुल रहने के कारण बरवाला रोड पर गांव भगवानपुर के लोगों ने दो घंटे तक रोष प्रदर्शन कर सड़क पर जाम लगाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। खरड़ कई रिहायशी सोसायटीज में वीरवार रात 11 बजे गई लाइट शुक्रवार दिन में 11 बजे तक बहाल हो पाई। इसकी वजह से सुबह की पानी की सप्लाई पर असर पड़ा।। ऐसी ही स्थिति मोहाली शहरी एरिया में बनी रही। विभाग की एप से लेकर हेल्पलाइन तक जवाब दे गई। लोग पूरी रात दिक्कत उठाते रहे, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
जीरकपुर में लोगों से मजबूरी में वसूला जेनरेटर का ज्यादा किराया
जीरकपुर में बुधवार शाम से बिजली संकट बना हुआ है। घरों में इन्वर्टर तक जवाब दे गए। ऐसे में लोग घरों को ताले लगाकर रिश्तेदारी, होटलों और पयर्टनीय स्थलों में चले गए हैं। जबकि कई लोगों को अपने कामकाज करने के लिए जेनरेटरों का सहारा लेना पड़ा। जबकि छोटे जेनरेटर का एक हजार से 1500 रुपये और बड़े जेनरेटर का तीन से साढ़े तीन हजार रुपये किराया है। जो आजकल मौके का फायदा उठाते हुए 6000 रुपये प्रति दिन के हिसाब से लिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर शहर में डीजल की सप्लाई भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। पटियाला रोड पर दो पंप पड़ते हैं दोनों पर डीजल कि सप्लाई ठप पड़ी है। इसी तरह पानी की भी उचित सप्लाई न होने से लोगों को दिक्कत आ रही है। जगजीत सिंह निवासी गांव झुंगियां ने बताया कि जैसे ही घर पर पानी खत्म हुआ तो मैं पानी लेने मार्केट गया तो वहां पर 250 रुपये वाला पानी का कैंपर 450 रुपये में मिला। एक व्यक्ति ने तो यह भी कहा कि पानी ले लो पर यह आरओ का पानी होगा इसकी गारंटी नहीं। इसके बाद मैं मनीमाजरा से पानी का कैंपर लेकर आया।
कोट्स
हमारे विभाग के कर्मचारी बुधवार से ही काम पर लगे हुए हैं। बरसात न होती तो अब तक तो सप्लाई चालू हो जाती। फिर भी हम लगातार काम कर रहे हैं। आपातकाल की स्थिति को देखते हुए दो कैनेडियन टावर टेंपरेरी तौर पर खडे़ कर दिए गए हैं और बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई है। -एचएस ओबराय, एक्सईएन पावरकॉम, जीरकपुर।