नयागांव। इलाके में फरवरी से लेकर अब तक लोगों के बिजली बिल नहीं आए हैं। तीन माह से बिल न आने के कारण इस बार ज्यादा बिल आएगा। इसे भरने में लोगों को परेशानी होगी।
पावरकॉम की ओर से सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है। इसके चलते बिल मिलने में देरी हो रही है। लोगों का कहना है कि तीन महीने का बिल एक साथ आने के कारण उनकी ओर से उपयोग की गई यूनिटों की संख्या बढ़ जाएगी। इस कारण प्रति यूनिट लगने वाला रेट चुकाना पड़ेगा।
कोरोना काल में लोगों के काम पहले ही ठप हैं। अब बिजली बिल भी आफत बने हुए हैं। कुछ लोगों को 91 दिन का बिल भेजा गया है। बिल की राशि ज्यादा होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
क्या कहते हैं लोग
लोगों की जेब पर पड़ेगा असर
बिल में देरी कर सरकार आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। बीमारी के दौर में सरकार को लोगों को कुछ रियायत देनी चाहिए न कि उन्हें परेशान करना चाहिए। -हितेंदर शर्मा
ध्यान दे सरकार
कोरोना काल में सरकार को लोगों के बिजली एवं पानी के बिल माफ करने चाहिए। परंतु ऐसा न कर लेकिन सरकार लोगों पर और आर्थिक बोझ डाल रही है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। -प्रिक्षित आंतिल
खर्चे ज्यादा आमदनी कम
सरकार जनता की सेवा के लिए होती है। लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। तीन महीने का बिल एक साथ दे पाना सभी के लिए संभव नहीं है। आजकल खर्चे ज्यादा हैं और आमदनी कम है। -जगत सिंह
बिल भरने में होगी परेशानी
कोरोना काल में काम ठप होकर रह गया है। दुकानदारी से जो आमदन होती है उससे घर चला पाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में तीन महीने का बिजली बिल भरने में परेशानी होती है। जगतार सिंह
आंकड़ों पर एक नजर
कीमत प्रति यूनिट (रुपये में)
यूनिट रुपये
0-100 4.49
101-300 6.34
300 से अधिक 7.30
ऐसे समझें अंतर
अगर किसी घर में दो माह में 100 यूनिट उपयोग होती हैं तो इसका एनर्जी चार्ज 4.49 के हिसाब से 449 रुपये बनेगा। इसका मतलब है कि एक माह के लगभग 225 बनेंगे। अगर 4 महीने का बिल आता है तो 200 यूनिट उपयोग होंगी, इसमें से 100 यूनिट का एनर्जी चार्ज 4.49 के हिसाब से 449 रुपये तथा बची हुई 100 यूनिट का एनर्जी चार्ज 6.34 के हिसाब से 634 रुपये बनेगा। ऐसे में चार महीने का कुल एनर्जी चार्ज 1083 बनेगा। मतलब एक महीने के लगभग 271 रुपये चुकाने होंगे। इस प्रकार एक महीने का एनर्जी चार्ज सीधे-सीधे 46 अधिक हो जाएगा।
पीएसपीसीएल ने बिल बनाने का सॉफ्टवेयर बदला है जिस कारण लोगों के बिल बनने में विलंब हुआ है। इसके चलते लोगाें को तीन माह तक के बिल भेजे जा रहे हैं। इन बिलों का रेट स्लैब का कोई असर नहीं हो रहा है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
- परमजीत सिंह, एसडीओ, पावरकॉम।