मोहाली। नयागांव के शिवालिक विहार-2 के रहने वाले एक 60 साल के बुजुर्ग राजकुमार की जनवरी, 2019 में चाकू से रेतकर हत्या करने के एक मामले में नामजद दो आरोपियों को जिला अतिरिक्त एवं सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोषी करार दिया है। अदालत ने बचाव पक्ष और सरकारी वकील की दलीलें सुनने के बाद चंडीगढ़ में गांव खुड्डा अलीशेर के रहने वाले दोषी इश्तेकार खान उर्फ सोनू और शुभम ग्रोवर को आईपीसी की धारा 302 व 34 में उम्र कैद सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये और धारा 460 व 120बी में 5-5 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने पर दोषियों की एक साल की सजा बढ़ा दी जाएगी। इन दोनों ने बुजुर्ग की हत्या तीन लाख रुपये के लालच में की थी, क्योंकि बुजुर्ग की किसी पुश्तैनी जमीन के हिस्से के तीन लाख रुपये आने थे।
अदालत में दोनों दोषियों ने अपने वकील के माध्यम से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। अदालत को कहा था कि वह अपने परिवार का इकलौता सहारा हैं, उनके बूढ़े मां-बाप उन पर निर्भर हैं, इसलिए सजा में उनके खिलाफ नरम रुख अपनाया जाए। अदालत ने फैसला सुनाया कि मामूली लालच के लिए किसी की बेरहमी से हत्या करने वालों पर अदालत किसी तरह का रहम नहीं करेगी। ऐसे अपराध में दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान है अगर उनकी सजा में नरमी दिखाई तो समाज में इसका बुरा संदेश जाएगा, इसलिए उन्हें उम्र कैद काटनी होगी।
जनवरी, 2019 में थाना नयागांव के उस समय के एसएचओ सुमित मोर को सूचना मिली थी कि शिवालिक विहार-2 में 60 साल के बुजुर्ग राज कुमार की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक के बेटे इंदरजीत कुमार ने बयान दर्ज करवाए और पुलिस ने शुरूआत में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 458, 460, 120बी व 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। 25 जनवरी, 2019 को दोषी इश्तेकार खान उर्फ सोनू और शुभम ग्रोवर को पुलिस ने मामले में गिरफ्तार कर नामजद किया था।
पुलिस पूछताछ में दोषियों ने कबूल किया था कि उन्होंने राज कुमार के क्लेम के तीन लाख रुपये हड़पने के लालच में उसकी हत्या की थी। दोनों दोषी मृतक राज कुमार को पहले से जानते थे और उन्हें पता था कि राज कुमार के पास क्लेम के तीन लाख रुपये आए हुए हैं। शुभम ग्रोवर ने हत्या से पहले राज कुमार की फोन पर लोकेशन पूछी और दोनों ने रात के समय उसके घर जाकर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों ने खून से सने कपड़े और जूते एक खाली प्लॉट में फेंक दिए थे। रात को जब मृतक राज कुमार का बेटा इंदरजीत कुमार जो कि आईटी सिटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, करीब साढ़े 9 बजे घर लौटा तो उसने कमरे में अपने पिता की खून से लथपथ लाश देखी। इसके बाद उसने पुलिस कंट्रोल रूम पर इसकी सूचना दी। पुलिस ने इंदरजीत कुमार के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया था। यह मामला मोहाली अदालत में विचाराधीन था और इस पर आज अदालत ने फैसला सुनाया है। दोनों दोषी इस समय फिरोजपुर जेल में बंद हैं।