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Mohali News: बैंक अधिकारी बनकर बुजुर्ग से 1.80 लाख रुपये ठगे

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रुपे क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा देकर आधार-पैन की कॉपी मंगवाई, लिंक भेजकर हासिल की निजी जानकारी
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एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 90-90 हजार रुपये की दो ट्रांजेक्शन, साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज

माई सिटी रिपोर्टर

मोहाली। साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर खरड़ निवासी 64 वर्षीय व्यक्ति से 1.80 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने रुपे क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से आधार और पैन कार्ड की कॉपी मंगवाई। इसके बाद एक लिंक भेजकर उनकी निजी जानकारी हासिल कर ली। कुछ ही देर में पीड़ित के एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 90-90 हजार रुपये की दो ट्रांजेक्शन हो गईं। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना मोहाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में खरड़ स्थित जमुना अपार्टमेंट निवासी विनोद कुमार सूद ने बताया कि 29 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का अधिकारी बताया और मौजूदा क्रेडिट कार्ड पर रुपे क्रेडिट कार्ड लेने का ऑफर दिया। पीड़ित ने इसके लिए सहमति दे दी। इसके बाद आरोपी ने उनसे दूसरे बैंकों के क्रेडिट कार्ड के बारे में पूछा। पीड़ित ने जानकारी साझा कर दी। फिर आरोपी ने आधार और पैन कार्ड की कॉपी मांगी, जिसे उन्होंने दूसरे मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया। शिकायत के अनुसार, दस्तावेज मिलने के बाद आरोपी ने पीड़ित को एक लिंक भेजा। पीड़ित ने लिंक खोलकर उसमें अपनी निजी जानकारी भरनी शुरू की तो खातों से संबंधित ट्रांजेक्शन होने लगीं। शक होने पर उन्होंने एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन ब्लॉक कर दिए, लेकिन एसबीआई का कार्ड ब्लॉक नहीं हो पाया।
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पीड़ित के मुताबिक, एसबीआई बैंक में कार्ड ब्लॉक करवाने की प्रक्रिया में एक घंटे से अधिक समय लग गया। इस दौरान उनके क्रेडिट कार्ड से 90-90 हजार रुपये की दो ट्रांजेक्शन हो गईं। इससे उन्हें कुल 1.80 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पीड़ित ने पुलिस से आरोपी की पहचान कर कार्रवाई करने और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में पहले जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच अधिकारी गुरसिमरन वीर सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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