शिक्षा विभाग के बाहर संघर्ष पर चल रहे शिक्षा प्रोवाइडरों ने सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है। एसोसिएशन के मेंबरों ने बताया कि 18 अप्रैल को सीएम ने चंडीगढ़ में मीटिंग का समय दिया है। अगर इस मीटिंग में उन्हें रेगुलर करने का फैसला नहीं होता है तो मुलाजिम आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
जत्थेबंदी के सूबा प्रधान अजमेर सिंह मोहाली ने बताया कि उनके धरने को पांच महीने पूरे हो गए हैं। लेकिन, सरकार ने उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। राज्य के शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने उनके मामले को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण उनकी परेशानी और बढ़ गई है। इस दौरान जिला प्रधान रेशम सिंह की अगुवाई में संगरूर, मोहली व नवांशहर से आए अध्यापकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि 18 अप्रैल की मीटिंग में रेगुलर करने के मामले को लटकाने की कोशिश की तो जत्थेबंदी द्वारा संघर्ष को और तेज किया जाएगा।