पत्नी पर गोली चलाने के मामले में आरोपी डीएसपी अतुल सोनी की पत्नी एफिडेविट देकर पहले कह चुकी है कि पति ने उन पर गोली नहीं चलाई है। लेकिन फिर भी डीएसपी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। उनकी तरफ से मोहाली जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए दायर की गई याचिका वीरवार को अदालत ने कैंसिल कर दी। इसके बाद यह साफ हो गया है कि अब उन्हें जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख करना पड़ेगा।
दूसरी तरफ, पुलिस ने उनकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उनकी मोबाइल लोकेशन ट्रेस नहीं हो रही है। उधर, अतुल सोनी पर विभागीय कार्रवाई के लिए एसएसपी कुलदीप सिंह चहल पहले ही उच्चाधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। जिला अदालत में वीरवार को डीएसपी अतुल सोनी की तरफ से लगाई गई याचिका में कहा गया था कि फायरिंग करने का आरोप झूठा है। उनकी पत्नी इस संबंध में एफिडेविट तक दे चुकी है।
सुनवाई के दौरान डीएसपी अतुल सोनी की पत्नी सुनिता सोनी वकील के साथ खुद भी पेश हुई थी। उन्होंने भी कहा कि गोली चलाने की बात गलत है, इसलिए अतुल सोनी की जमानत याचिका मंजूर की जाए। सुनीता सोनी ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह उनका घरेलू मामला है। वह गुस्से में थी और पुलिस ने भी उनकी ओर से दी गई शिकायत को कोई और ही रंग देते हुए इतनी आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।
लेकिन सभी दलीलें सुनने के बाद जज ने पहले तो केस को लंच टाइम के बाद तक पेंडिंग रख लिया, उसके बाद शाम को जमानत याचिका को कैंसिल कर दिया गया। जिक्रयोग है कि पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने अतुल सोनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (हमला), 307 (हत्या का प्रयास), 498-ए (घरेलू हिंसा) और आर्म्स एक्ट के तहत फेज-आठ थाने में केस दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के अगले दिन ही पत्नी ने एफिडेविट जारी कर दिया था।
साथ ही आरोप लगाया था कि पुलिस ने खुद ही फायरिंग वाली बात एफआईआर में दर्ज कर ली थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सोनी की पत्नी ने खुद लिखित में शिकायत दी थी। उनके पास हथियार को सुपुर्द करने के समय की वीडियो भी है। हथियार के बारे में अभी जानकारी हासिल करनी है। वहीं, जिन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, उसमें गिरफ्तारी पक्की बनती है।