मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पंजाब में जल संकट पर वीरवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत बैंस और बलिवंद्रर बैंस अपने समर्थकों के साथ पंजाब भवन पहुंचे थे। दोनों विधायकों को जब भवन में प्रवेश से पंजाब पुलिस ने रोका तो उनकी पुलिसकर्मियों से बहस और कुछ धक्कामुक्की भी हुई। इसके बाद बैंस बंधु विरोधस्वरूप पंजाब भवन के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
पुलिस की ओर से पंजाब भवन के बाहर बेरिकेटिंग की गई थी। बैठक में नहीं जाने दिए जाने से नाराज बैंस बंधुओं ने आरोप लगाया है कि वह मुख्यमंत्री के खिलाफ चल रहे सिटी सेंटर घोटाले के मामले को ट्रायल तक ले जाना चाहते थे, इसी से नाराज मुख्यमंत्री ने उनकी पार्टी को सर्वदलीय बैठक में नहीं बुलाया। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ हो जाए, उनकी पार्टी पंजाब के हितों के लिए हमेशा लेती हेगी।
सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार ज्यादा से ज्यादा उनके खिलाफ एफआईआर ही दर्ज करवा देगी। लेकिन वह इससे नहीं डरते और पंजाब के हितों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब हिमाचल सरकार पानी की रायल्टी को लेकर पानी के बिल भेज सकती है तो पंजाब सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती? बैंस ने आरोप लगाया की कि वे विधानसभा के पिछले दो सत्र में लगातार पानी संबंधी प्राइवेट बिल ला रहे हैं।
एक बिल जो पिछली सरकार के दौरान अकाली-भाजपा सरकार ने पेश किया था, उसमें नॉन रिपेरियन राज्यों को पंजाब की ओर से दिए जा रहे पानी पर बिल वसूलने संबंधी प्रस्ताव पारित हुआ था। तब तय हुआ था कि सरकार राजस्थान को पानी का बिल भेजेगी।