ईको सिटी में लंबे समय से स्टॉर्म लाइनों में गाद जमा होने के कारण कई स्थानों पर जल निकासी प्रभावित हो रही थी। मानसून के दौरान यही समस्या जलभराव का कारण बनती है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से कम समय में अधिक प्रभावी सफाई संभव होगी।
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ने ईकोसिटी-1 की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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इसके तहत क्षेत्र की मौजूदा स्टॉर्म लाइनों की आधुनिक तकनीक से डी-सिल्टिंग और सफाई कराई जाएगी। इसके लिए गमाडा ने कार्य शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
योजना के अनुसार स्टॉर्म लाइनों की सफाई जेटिंग-कम-सक्शन सीवर क्लीनिंग मशीन, वाटर रीसाइक्लिंग तकनीक से लैस मशीन, सुपर सकर-कम-जेटिंग मशीन अथवा अन्य उन्नत मशीनी प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। इन मशीनों की मदद से पाइप लाइनों में जमी गाद, मिट्टी, कचरा और अन्य अवरोधों को प्रभावी ढंग से हटाया जाएगा, जिससे बारिश का पानी बिना रुकावट निकासी प्रणाली से गुजर सकेगा।
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जानकारी के अनुसार ईको सिटी में लंबे समय से स्टॉर्म लाइनों में गाद जमा होने के कारण कई स्थानों पर जल निकासी प्रभावित हो रही थी। मानसून के दौरान यही समस्या जलभराव का कारण बनती है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से कम समय में अधिक प्रभावी सफाई संभव होगी और पाइप लाइनों को नुकसान पहुंचाए बिना उनका रखरखाव किया जा सकेगा।
गमाडा का मानना है कि इस कार्य के पूरा होने के बाद ईकोसिटी-1 में जलभराव की समस्या में काफी कमी आएगी। साथ ही सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में बारिश के दौरान पानी जमा होने की परेशानी से भी लोगों को राहत मिलेगी। यह परियोजना क्षेत्र की ड्रेनेज व्यवस्था को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या कहते है अधिकारी
ईकोसिटी-1 की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डी-सिल्टिंग कार्य की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर आवंटित होने के बाद आधुनिक मशीनों की मदद से स्टॉर्म लाइनों की सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। - खुशप्रीत सिंह डिवीजनल इंजीनियर गमाडा