मोहाली। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के करीबी हरप्रीत सिंह गुलाटी को लेकर विजिलेंस ब्यूरो ने अदालत में एक अहम याचिका दायर की है। विजिलेंस ने गुलाटी के पुलिस रिमांड को बढ़ाने की मांग की है। यह याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में दायर की गई। इस पर सुनवाई के लिए अदालत ने 5 जनवरी की तारीख तय की है। इस दौरान हरप्रीत सिंह गुलाटी के वकीलों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
विजिलेंस ब्यूरो ने हरप्रीत सिंह गुलाटी को हाल ही में मोहाली के सेक्टर-106 स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार गुलाटी पर आरोप है कि उसकी कंपनियों से बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़ी कंपनियों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई, जो कभी वापस नहीं आई। न ही गुलाटी की ओर से किसी भी स्तर पर ट्रांसफर की गई रकम की वापसी के लिए कोई कानूनी कार्रवाई की गई।
विजिलेंस का दावा है कि हरप्रीत सिंह गुलाटी मजीठिया के कथित काले धन को सफेद करने में अहम भूमिका निभाता था। शुरुआती दौर में गुलाटी पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का काम करता था, लेकिन वर्ष 2008-09 में अकाली सरकार के कार्यकाल के दौरान उसने कई कंपनियां स्थापित की। इसी दौरान वह शराब कारोबार से भी जुड़ा और इस क्षेत्र में उसकी भूमिका काफी अहम बताई जा रही है।
उधर, इसी आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की भी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेशी हुई। नाभा जेल प्रशासन की ओर से मजीठिया को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से विशेष सरकारी वकील प्रीत इंदर पाल सिंह पेश हुए, जबकि मजीठिया की ओर से एडवोकेट एचएस धनौआ ने पक्ष रखा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 जनवरी की तारीख निर्धारित की है।