मोहाली। जिला पुलिस में उस समय हड़कंप मच गया जब मंगलवार को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में धरना दे रहे डिप्लोमा इंजीनियर्स ने अचानक ही मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया। यह इंजीनियर फेज-7 के सामुदायिक केंद्र में पंजाब सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे थे। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास की तरफ कूच कर रहे इंजीनियरों को चंडीगढ़ पुलिस ने चंडीगढ़ में दाखिल नहीं होने दिया। मोहाली के डीएसपी सिटी-1 गुरशेर सिंह ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इसके बाद सीएम कार्यालय के अधिकारी अंकित जोशी ने मौके पर पहुंच कर डिप्लोमा इंजीनियर्स से मांग पत्र लिया।
दरअसल इस धरने में राज्य के विभिन्न विभागों, बोर्डों, स्थानीय निकाय विभागों, नगर सुधार ट्रस्टों, यूनिवर्सिटीज और अन्य तकनीकी विभागों में काम कर रहे जूनियर इंजीनियर्स, सहायक इंजीनियर्स, उप-मंडल इंजीनियर्स और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। धरने के दौरान अचानक ही डिप्लोमा इंजीनियर्स और धरने पर बैठे अन्य ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच करने का ऐलान कर दिया। हालांकि इससे पहले इनका सीएम हाउस की ओर रोष मार्च निकालने का कोई कार्यक्रम नहीं था। अचानक शुरू हुए इस रोष मार्च से न सिर्फ मोहाली पुलिस, बल्कि चंडीगढ़ पुलिस में भी हड़कंप मच गया। चंडीगढ़ पुलिस ने रोष मार्च को चंडीगढ़ में दाखिल नहीं होने दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी डिप्लोमा इंजीनियर्स वहीं धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। मोहाली के डीएसपी सिटी-1 गुरशेर सिंह संधू ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इसके बाद प्रशासन ने सीएम ऑफिस से संपर्क साधा। मामला तूल पकडे इससे पहले ही सीएम ऑफिस के अधिकारी अंकित जोशी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मांग पत्र लिया।
कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के सीनियर वाइस चेयरमैन और डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन लोक निर्माण विभाग के सूबा प्रधान दिलप्रीत सिंह लोहट, वाइस चेयरमैन हरमनजीत सिंह धालीवाल सहित अन्य वक्ताओं ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का विरोध करते हुए उसे अस्वीकार करने की बात की। वक्ताओं का कहना था कि वर्ष 2011 में तत्कालीन अकाली सरकार द्वारा लागू किए गए पे स्केल को सरकार ने रद्द कर दिया है। जिससे मुलाजिमों का वेतन बढ़ने के बजाय घट जाएगा। इन लोगों ने डिप्लोमा इंजीनियर्स के वेतन को 3.01 के गुणांक में बढ़ाने की मांग के साथ ही पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने और कैशलेस मेडिकल योजना लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा। इसके साथ ही वक्ताओं ने कहा कि जेई और एई वर्ग के फिक्स पेट्रोल ट्रैवलिंग भत्ते को खत्म किया गया है। जो 30 लीटर प्रति महीना था। इन लोगों का कहना था कि इसे बहाल करते हुए 80 लीटर प्रति महीना किया जाए। इसके अलावा कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, आउटसोर्सिंग बंद कर पक्की भर्ती करने, जेई के पद से उप-मंडल इंजीनियर के पद पर भर्ती कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ा कर चंडीगढ़ की तर्ज पर 75 प्रतिशत करने की मांग भी की गई।
विकास कार्य ठप करने की धमकी
प्रदर्शनकारी डिप्लोमा इंजीनियर्स ने मांगे पूरी न होने पर सरकार को राज्य भर में चल रहे विकास कार्यों को ठप करने की धमकी भी दी। कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के पदाधिकारियों में वासुदेव शर्मा, हरिंदर सिंह गिल, गुरतेज सिंह, बीके कपूर और कुलबीर सिंह बैनीपाल ने रोष प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रखने का ऐलान किया। इन लोगों ने बताया कि जुलाई में ही मोगा, फतेहगढ़ साहिब और कपूरथला जोन में जिला स्तरीय धरने दिए जाएंगे। इन लोगों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मांगे न मानी गईं तो राज्य के अलग-अलग विभागों और अथॉरिटीज के द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्य ठप कर दिए जाएंगे।