मोहाली। सेक्टर-64 स्थित श्रम विभाग दफ्तर के बाहर सोमवार को अलग-अलग विभागों के कर्मचारी और मजदूर संगठनों ने संयुक्त रूप से सरकार और अधिकारियों की अनदेखी और कारगुजारी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन श्रम विभाग कार्यालय की ओर से पिछले 8 साल से मजदूरों की जायज मांगों को पूरा न करने को लेकर दिया गया। जिसको पूरा करने के लिए पंजाब सरकार और अधिकारी टालमटोल करते आ रहे हैं। ये रोष प्रदर्शन पंजाब की एटक, इंटक, सीटीयू और एचएमएस संगठनों की ओर से किया गया और इस अवसर पर निर्मल सिंह धालीवाल, सुरिंदर शर्मा, दविंदर जौलां, विजय मिश्रा, नत्था सिंह और रामकिशन, कुलवंत सिंह बावा मौजूद थे। यह प्रदर्शन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला।
बता दें कि अलग-अलग संगठनों के नेताओं ने सोमवार सुबह 11 बजे सेक्टर-64 स्थित श्रम विभाग कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया और अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार और श्रम विभाग कार्यालय की कारगुजारी को लेकर रोष प्रदर्शन किया। इस धरने के इंचार्ज बंत सिंह बराड़ ने बताया कि पंजाब सरकार और श्रम विभाग के अधिकारी लंबे समय से मजदूरों का शोषण कर रहे हैं और मजदूरों से सबसे ज्यादा काम लेकर उन्हें सबसे कम वेतन दिया जा रहा है। साथ ही अन्य मांगों के अलावा एक मांग अनुग्रह अनुदान (एक्सग्रेशिया ग्रांट) को लेकर हैं, क्योंकि जिस तरह लगातार महंगाई बढ़ रही है, उसे देखते हुए सरकार को किसी भी मजदूर की मौत के बाद उसके परिजनों को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता देनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि पंजाब सरकार की ओर से दी जा रही अनुग्रह अनुदान की दो लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए। दूसरी मांग है कि मजदूरों को अपना पंजीकरण सुविधा केंद्रों और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए करवाना पड़ता है, जिसके लिए कई दिन तक दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं।
इस धरने के दौरान मजदूर संगठनों ने कहा कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। इस कारण मजदूर वर्ग को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हमारी सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द सभी मांगों को पूरा किया जाए।