मोहाली। धनतेरस की पूर्व संध्या पर जिले के बाजारों में रौनक देखने को मिली। बर्तन, सराफा के अलावा अन्य बाजार सजे नजर आए। मोहाली, जीरकपुर, डेराबस्सी, लालड़ू, खरड़ और कुराली में व्यापारियों में उल्लास देखने को मिला। कुछ लोगों को खरीदारी करते देखा गया। मोहाली के फेज-7 और फेज-5 के बाजारों में दुकानों को रोशनी और फूलों से सजाया गया है। छोटे-बड़े व्यापारी भी विशेष ऑफर दे रहे हैं। बाजारों के फुटपाथ और पार्किंग में स्टॉल लगे हैं। शुक्रवार को भी लोग खरीदारी करते नजर आए।
दूसरी तरफ फेज-11 स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित चंद्र मोहन के अनुसार इस दिन की खरीदारी और पूजा का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। धनतेरस दिवाली का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन लोग अपने घरों और दुकानों में नए बर्तन, आभूषण और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदते हैं। पंडित जी ने बताया कि धनतेरस पर प्रदोष काल में यानी शाम 5 बजे से 7 बजे तक पूजा करना अत्यंत शुभ होता है। इस समय देवी लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही, इस दिन दोपहर 12.20 बजे के बाद शुरू होने वाली धन त्रयोदशी का समय भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवधि में किए जाने वाले पूजन और दान-धर्म का विशेष महत्व होता है।
धनतेरस पर केवल पूजा ही नहीं, बल्कि खरीदारी का भी विशेष महत्व है। इस दिन सोना, चांदी, नए बर्तन और सजावटी सामान खरीदना शुभ माना जाता है। पुराने और टूटे बर्तनों को बदलना भी शुभ विधान है। पूजा और खरीददारी के दौरान सकारात्मक सोच और श्रद्धा के साथ काम करना चाहिए। इस दिन पूजन सामग्री, दीपक और मिठाइयों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। शाम के प्रदोष काल में दीपक जलाकर लक्ष्मी माता का पूजन करना धन प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।