लांडरां/बनूड़। शहर और आसपास के गांवों में डेंगू बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रह है। एक व्यक्ति को डेंगू होता है तो इसके बाद पूरा परिवार इस बुखार की चपेट में आ रहा है। एक या दो दिन तेज बुखार के बाद प्लेटलेट्स कम होने की प्रवृत्ति भी बहुत अधिक है। लैब और अस्पताल मरीजों से खचाखच भरे पड़े हैं। शहर के तमाम वार्डों और गांवों में बुखार पीड़ितों की संख्या काफी ज्यादा है। प्लेटलेट्स की अत्यधिक कमी के कारण इस क्षेत्र में कई मौतें भी हो चुकी है। निजी लैब और डॉक्टरों के पास जांच कराने और दवा लेने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंच रहे है।
डेंगू के मरीजों का कहना है कि घर में एक व्यक्ति को बुखार होने के बाद सभी को बुखार हो जाता है और बुखार के तीन-चार दिन बाद प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। उसके बाद रोगी को घुटनों और कोहनी में दर्द और पैरों व शरीर में सूजन, खुजली आदि होने पर बहुत ज्यादा कमजोरी हो जाती है। इस बीच शहर में डेंगू के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी बनूड़ एसएमओ डॉ. नवनीत कौर और डॉ. गगनदीप सिंह शेरगिल के नेतृत्व में रैली का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने लोगों से बुखार की स्थिति में सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज कराने की अपील की। उन्होंने अपने घरों और आसपास को साफ रखने, पानी जमा न होने देने, रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और पूरी बाजू के कपड़े पहनने की भी अपील की। नगर परिषद बनूड़ के अधिकारियों ने दावा किया है कि पूरे शहर में लगातार फॉगिंग करवाई जा रही है।