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फ्लाईओवर का काम पूरा होने की दी जा रही तारीख पर तारीख, हर बार हो रही खारिज

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मोहाली। कोरोना कर्फ्यू के बीच खरड़ फ्लाईओवर के निर्माण के काम काम को मंजूरी मिल गई थी। जिसके बाद फ्लाईओवर के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। फ्लाईओवर की डब्ल्यू-4 स्ट्रैच चौथी परत के निर्माण का काम चल रहा है।
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बता दें कि इस फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के पूरा होने की हर बार तारीख पर तारीख बढ़ाई जा रही है। किसी न किसी कारण से इसके जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी और निर्माण कर रही कंपनी इसके निर्माण का काम पूरा करने की एक तारीख निर्धारित करती है और फिर किसी न किसी कारण इसका निर्माण कार्य रूक जाता है। इसका काम पूरा होने की हर बार जो भी तारीख दी जाती है उसे खारिज करके फिर से अगली तारीख बढ़ा दी जाती है।
वहीं, इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की अवधि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। पहले यह काम जून में पूरा होना था, लेकिन अब एक बार फिर से यह प्रोजेक्ट दो महीने बाद अगस्त में ही पूरा हो पाएगा। यह दावा एसडीएम खरड़ हिमांशु जैन ने रविवार को किया है। उन्होंने कहा है कि प्रोजेक्ट के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। सोशल डिस्टेंस समेत कोरोना को मात देने के लिए निर्धारित सारे मानकों का प्रयोग किया जा रहा है।
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दरअसल बलौंगी-खरड़ फ्लाईओवर ट्राइसिटी समेत कई राज्यों की लाइफ लाइन है और हजारों वाहन यहां से गुजरते हैं। लेकिन बलौंगी से लेकर खरड़ तक आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी। इसके बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से 369 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल हाईवे-5 पर बलौंगी से खरड़ तक फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया गया था। शुरू से ही प्रोजेक्ट की रफ्तार काफी धीमी थी। पहले जमीन एक्वायर को लेकर और अन्य कई दिक्कतें आ रही थीं। एनएचएआई और प्रशासन की ओर से इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की तारीख साल दर साल खारिज होती रही है।
2018 में बनकर तैयार होना था फ्लाईओवर प्रोजेक्ट
पहले यह खरड़-बलौंगी फ्लाईओवर का प्रोजेक्ट 2018 में पूरा होना था। इसके बाद दिसंबर, 2019 में और फिर इस साल जून तक इसके पूरा होने की तारीख बढ़ाई गई थी। लेकिन इसी बीच कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी थी। ऐसे में मार्च में काम पूरी तरह से रोक दिया गया था। हालांकि उस दौरान काम काफी तेज गति से चल रहा था। इसी बीच करीब एक महीने तक काम रुका रहा। वहीं, जो प्रोजेक्ट में शामिल मुलाजिम और इंजीनियर जो यहां काम कर रहे थे वह भी साइट पर ही रुके हुए थे।
इसी बीच प्रोजेक्ट में काम कर रही कंपनी ने इस मामले को नेशनल हाईवे अथारिटी के सामने उठाया था। वहीं, अथारिटी ने इस मामले में डीसी को पत्र लिखा था। जिसके बाद प्रोजेक्ट के काम को मंजूरी दे दी गई थी और इसके साथ ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया था।
काम शुरू करने से पहले होती है मुलाजिमों की स्क्रीनिंग
एसडीएम ने बताया कि प्रोजेक्ट में काम कर रहे मुलाजिमों को कोरोना से बचाने के लिए सभी मानकों का ध्यान रखा जा रहा है। यहां काम पर आने वाले मुलाजिमों को एक बस में लाया जाता है। बस में लाते समय भी सोशल डिस्टेंस के मानकों का पालन किया जाता है। इसके बाद फिर मुलाजिमों की स्क्रीनिंग की जाती है। इतना ही नहीं साइट पर मुलाजिमों के खड़े होने वाले स्थान पर मार्किंग आदि की गई है।
मई के आखिर में गिराया जाएगा पुल
एसडीएम ने बताया कि खरड़ बस स्टैंड से खानपुर, खानपुर अस्पताल रोड और रोपड़ सर्विस फोर लेन के साथ एयरपोर्ट रोड तक साइड लाइनों का काम एक महीने के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा मई के आखिर में जो इस रास्ते में पुराना पुल बना है उसे गिरा दिया जाएगा। इसके बाद अप्रोच रोड का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से इलाके के लोगों को फायदा होगा।
सुबह पत्र लिखा, शाम को मिल गई मंजूरी
कोरोना महामरी के चलते जब फ्लाईओवर का काम रुक गया था। उस समय मोहाली व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा की तरफ से डीसी को पत्र लिखा गया था। जिसमें उन्होंने साफ किया था कि खरड़ फ्लाईओवर का काम करीब पांच साल से लटका हुआ है। जिससे लोगों को काफी दिक्कत रोजाना उठानी पड़ती है। इससे व्यापार तक प्रभावित होता है। वहीं, शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगता है। प्रधान ने पत्र में कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ से जहां कंस्ट्रक्शन से जुड़े काम शुरू करने को कह चुकी है। ऐसे में प्रोजेक्ट का काम शुरू करवाया जाए। जिस दिन पत्र लिखा था, उसी दिन प्रोजेक्ट को शुरू करने की मंजूरी मिल गई थी।
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