डेराबस्सी। मुबारिकपुर के पास घग्गर नदी पार करने के लिए बना काजवे खतरे में है। यह किसी भी समय टूट सकता है। दो साल पहले आई बाढ़ के दौरान काजवे के नीचे से मिट्टी निकल गई थी। इसके बाद ढकोली की तरफ से आने वाली सड़क वाले हिस्से को बोरी लगाकर अस्थायी तौर पर ठीक किया गया था। डेराबस्सी से ढकोली जाने वाले बाएं हिस्से के नीचे फिर से खाली हो गया है। इस तरफ प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले पुलिया के पास डी-सिल्टिंग के बहाने नीचे से भारी मात्रा में रेत खोदी गई थी, लेकिन इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। हल्के वाहनों के लिए बने इस पुलिए पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही भी जारी रही। इससे इसकी हालत और खराब हो गई। कई-कई महीनों तक टूटे बैरिकेड और सुरक्षा रेलिंग को भी ठीक नहीं करवाया गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन की बेरुखी के कारण पुलिया धीरे-धीरे खोखला होता गया। एक कार के घग्गर में गिरने के बाद सुरक्षा रेलिंग ठीक करवाई गई थी, जबकि अस्थायी पिलर कुछ ही दिनों में टूट गए। एक तरफ का टूटा बैरिकेड भी सालों से ठीक नहीं हुआ है।
डेराबस्सी के मुबारिकपुर इलाके में यह पुलिया घग्गर नदी पर बना एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह डेराबस्सी को ढकोली और आसपास के गांवों से जोड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, 2024 की भयंकर बाढ़ ने पुलिया की नींव को गहरा आघात पहुंचाया था। बाढ़ के पानी से नीचे की मिट्टी बह गई। इससे इसकी संरचना कमजोर हो गई। प्रशासन ने तत्काल अस्थायी मरम्मत तो करवाई, लेकिन लंबे समय तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। स्थानीय किसान हरजिंदर सिंह का कहना है कि कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। एसडीएम अमित गुप्ता का कहना है कि काजवे की जगह पुल बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा किसी भी नुकसान से बचने के लिए अस्थायी व्यवस्था भी करवा दी जाएगी।