त जनवरी से वाईपीएस चौक पर बंदी सिखों की रिहाई के लिए मोहाली में सिख जत्थेबंदियां प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं पंजाब के मोहाली की जिला अदालत में पुलिस ने जगतार सिंह हवारा के एक केस में रिहाई करने का विरोध किया है। जानकारी के अनुसार 2005 में खरड़ में दर्ज हुए एक केस में सुनवाई के दौरान मोहाली पुलिस ने हवारा के वकील द्वारा लगाई अर्जी का विरोध किया है। 19 जुलाई 2021 को हवारा के वकील ने यह अर्जी दायर की थी। अभी जगतार सिंह हवारा दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद है। वहीं इस मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रोपड़ पुलिस ने 2005 में एक मामला दर्ज किया था। इसमें परविंदर सिंह, स्वर्ण सिंह, गुरदीप सिंह और परमजीत सिंह को आरोपी बनाया था। आरोपियों से लगभग साढ़े आठ किलो आरडीएक्स, एके-47 के कारतूस सहित दो किलो अन्य विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ था।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कहा था कि यह सब उन्हें जगतार सिंह हवारा ने दिया था। इसके बाद पुलिस ने हवारा को नामजद करके केस दायर किया था। अब हवारा के वकीलों ने रिहाई के आवेदन की सुनवाई के दौरान दलील दी है कि विस्फोटक पदार्थ दूसरे आरोपियों से मिले थे। उन्होंने जो बयान दिए हैं, वह पुलिस के दबाव में दिए हैं। पुलिस के पास इस संबंधी कोई साक्ष्य नहीं है कि विस्फोटक पदार्थ उसने आरोपियों को दिए थे।
रोपड़ जिले में हुआ था मामला दर्ज
2005 में खरड़ का इलाका रोपड़ जिले में पड़ता था इसलिए यह मुकदमा रोपड़ जिले में दर्ज किया गया था। इसकी सुनवाई तब रोपड़ जिला अदालत में होती थी। बाद में 2006 में मोहाली जिला बनने के बाद इस मामले को मोहाली जिला अदालत में भेज दिया गया था। अब इस मामले की सुनवाई मोहाली की अतिरिक्त जिला और सेशन जज की अदालत में सुनवाई हो रही है।
बुड़ैल जेल से 2004 में फरार हो गया था हवारा
हवारा इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद है। जनवरी 2004 में वह अपने साथियों जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्यौरा और एक हत्या मामले में दोषी देवी सिंह के साथ बुड़ैल जेल में 104 फुट गहरी सुरंग बनाकर फरार हो गया था। देवी सिंह को छोड़ तीनों को पकड़ लिया गया था।
चंडीगढ़ कोर्ट में 18 को सुनवाई
जगतार सिंह हवारा के खिलाफ चंडीगढ़ में भी आपराधिक केस चल रहे हैं। इस मामले में 18 फरवरी को सुनवाई है। जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ में 2005 में दर्ज एक केस में एडिशनल सेशन जज की कोर्ट ने हवारा को पेश करने के आदेश दिए थे। अदालत ने कहा था कि मामले में आरोप तय को लेकर बहस होनी है। ऐसे में आरोपी का पेश होना जरूरी है।
17 दिसंबर के लिए संबंधित जेल अथॉरिटी को हवारा को पेश किए जाने के आदेश दिए गए थे। वहीं जेल अथॉरिटी को कहा गया है कि यदि दिल्ली में उसके खिलाफ कोई अन्य केस लंबित नहीं है तो उसे चंडीगढ़ जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।