नगर निगम चुनाव से ठीक पहले वार्ड नंबर 37 (गांव मटौर) से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार मुन्नी देवी के पति सोमपाल (42) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह बिजली विभाग के दफ्तर में सफाई सेवक थे। सोमपाल ने दफ्तर में ही फंदा लगाया। उधर, इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। मुन्नी देवी का आरोप है कि तीन लोग उनके पति पर दबाव बना रहे थे कि वह अपनी पत्नी का नामांकन वापस करा ले। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दी है।
मुन्नी देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि वह वार्ड नंबर 37 से चुनाव लड़ रही हैं। उनके सामने चुनाव लड़ रही एक महिला उम्मीदवार के रिश्तेदार लगातार नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। चार फरवरी को उक्त लोग उसे चुनाव कार्यालय में ले गए लेकिन मैंने नामांकन वापस नहीं लिया। इसके बाद से मेरे पति परेशान चल रहे थे। इसकी शिकायत भी हमने एसएसपी को दी थी।
मुन्नी ने बताया कि 9 फरवरी को किसी अंजान शख्स ने उनके पति सोमपाल को शराब पिलाई और मारपीट कर उसे वाईपीएस स्कूल के पास नाले में फेंक दिया। पति ने फोन किया तो उसका भाई उसे लाया। बुधवार सुबह वह साढे़ छह बजे कार्यालय चले थे गए थे। नौ बजे चौकीदार का फोन आया कि सोमपाल ने फंदा लगाकर जान दे दी है।
वह बिजली विभाग के दफ्तर पहुंची। सोमपाल को अस्पताल ले जाया गया मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना फेज-एक के एसएचओ शिवदीप सिंह बराड़ ने बताया कि फिलहाल आत्महत्या की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों के हवाले कर दिया गया है। शिकायत की जांच की जा रही है।
भाजपा नेता बोले तुरंत हो आरोपियों पर कार्रवाई
आत्महत्या की सूचना मिलते ही भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेता सुखविंदर सिंह गोल्डी, संजीव वशिष्ठ, अशोक झा, गुड्डू, अरुण शर्मा, रमेश दत्त व कई उम्मीदवार थाने पहुंचे। नेताओं का कहना था कि जब तक आरोपियों पर केस दर्ज नहीं होता, तब तक मृतक का संस्कार नहीं करेंगे। हालांकि जब पुलिस ने उन्हें समझाया, तब वह मान गए।
पहले भी हो चुका है विवाद
कुछ दिन पहले भी भाजपा उम्मीदवार मुन्नी देवी के पोस्टर हटाने पर विवाद हुआ था। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से इस संबंध में मटौर थाने में शिकायत दी गई थी। मुन्नी देवी ने कहा था कि उस पर चुनाव न लड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कुछ लोग उन्हें धमका रहे हैं।