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जीते जी नहीं मिला इंसाफ, तो महिला के घर वालों का फूटा गुस्सा

Sun, 03 Jul 2016 09:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
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रुपये डबल - फोटो : Desk
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करोड़ों रुपये की ठगी के मामले की पीड़िता की मौत हो गई, लेकिन उसे आज तक इंसाफ नहीं मिला। अब उसके घरवालों का गुस्सा फूटा है। केस दर्ज होने के एक साल बाद भी करोड़ों रुपये की ठगी की आरोपी महिला को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि आरोपी महिला का घर एसएसपी आफिस से मात्र 50 मीटर की दूर पर है। वहीं, ठगी का शिकार हुई महिला सविता ने इंसाफ के इंतजार में शनिवार को पीजीआई में दम तोड़ दिया। इसके बाद महिला के पारिवारिक मेंबरों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने महिला का शव आरोपी महिला के फेज-एक स्थित घर पर ले गए। उन्होंने आरोपी महिला के घर के सामने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक लोग पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान वहां जाम लग गया। इसके बाद मौके पर एसपी सिटी सिटी व थाना मटौर के एचएचओ महेश सैनी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोगों ने शव का अंतिम संस्कार किया। आरोपी महिला इंद्रजीत कौर रोजी पर थाना फेज-1 के खिलाफ थाने में गत वर्ष जून में धारा 406 व 420 के तहत केस दर्ज हुआ था। इस मौके पर एडवोकेट अमरदीप कौर, सतनाम सिंह, कृष्णा देवी, कमलजीत कौर व अन्य मोहल्ले के लोग मौजूद रहे।
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ऐसे हुई थी ठगी
मृतका के बेटे प्रवीन ने बताया कि आरोपी महिला ने इनवेस्टमेंट के नाम पर उन्हें ठगा है। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले उनकी मां के संपर्क में वह आई थी। वह इंडस्ट्री एरिया स्थित हेल्थ कैंपस में काम करती थी। इस दौरान उसने उन्हें अपने जाल मे फंसा लिया। वह कंपनी में पैसे इन्वेस्ट करने के नाम पर रकम को बढ़ाकर देती थी। इसके बाद उन्हें लूटकर वहां से भाग गई।

एक लाख पर चार हजार देती थी
आरोपी अपनी फैक्टरी में एक लाख इन्वेस्ट करने पर चार हजार रुपये ब्याज देती थी। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने अपनी जमा पूंजी आरोपी महिला को दी। इसके बाद उसकी मां सविता को जोर डाला कि अन्य लोगों को स्कीम के बारे बताए। उन्होंने बताया कि जुलाई में उन्होंने उसे डेढ़ लाख रुपये दिए थे। जो कि शर्त के मुताबिक उसे दो साल बाद वापस कर दिए। इससे उस पर विश्वास पक्का हो गया।
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सिक्योरिटी के रूप में देती थी चेक
आरोपी इंद्रजीत कौर काफी शातिर थी। वह लोगों को सिक्योरिटी के बदले चेक देती थी। बाद वह भी बाउंस हो गए थे। जिससे उसकी पोल खुली थी।

सविता ने बीस लाख का घर बेचकर दिए थे पैसे
सविता को जब रोजी पर विश्वास हो गया था तो उसने अपना हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित एक मकान भी बीस लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद उसने बीस लाख रुपये आरोपी को दे दिए थे। इसके बाद वह कुछ समय तो इनसेंटिव देती रही। बाद में पैसे देने का समय देकर गायब हो गई। लोगों ने बताया कि रोजी का पति व लड़का उन्हें धमकाते हैं।

मशीन में इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगे करोड़ों
प्रवीन ने कहा कि रोजी ने उन्हें बताया था कि इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कंपनी में मशीन लगाई जानी है। जिस पर पांच करोड़ की लागत आएगी। ऐसे में जो इन्वेस्ट करेगा उसे मोटी रकम मिलेगी। इसके बाद महिला ने कई लोगों को ठगा और वहां से फरार हो गई थी।

बीस लाख डूबते ही लगी बीमारी
मृतका के बेटे ने बताया कि जब पैसे डूबे तो इसके बाद उनकी मां को किडनी की बीमारी हो गई थी। वह इंसाफ के लिए अधिकारियों के पास गए, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि वह भी दिल के मरीज है।
 
प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी नेम प्लेट
आक्रोश में आए लोगों ने आरोपी के घर के आगे लगी नेम प्लेट का बोर्ड तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी महिला के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। वहीं, आरोपी महिला के घर वाले ताला लगाकर घर से कहीं भाग गए थे।
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