ट्राइसिटी में दिल्ली से हेरोइन लाकर बेचने वाले गिरोह के पांच और मेंबरों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों से पुलिस ने 185 ग्राम हेरोइन व दो गाड़ियां बरामद की है। आरोपियों की पहचान निखुल कटियाल निवासी मकान नंबर 1034, फेज-3बी2, चरनजोत सिंह निवासी मकान नंबर 1169 सेक्टर-50, हरप्रीत सिंह निवासी निवासी बस्सी पठाना जिला फतेहगढ़ साहिब, सुखबीर सिंह उर्फ सुक्खी निवासी सहेड़ी थाना मोरिंडा जिला रूपनगर व गगन कुमार निवासी मकान नंबर 200 डड्डूमाजरा चंडीगढ़ को काबू किया गया। वह पहले चंडीगढ़ में होमगार्ड था। यह दावा वीरवार को एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने किया। उन्होंने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई और राज खुलने होने के आसार हैं। जिक्रयोग है कि इससे पहले तीस जुलाई को पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ़्तार किया था। वह भी दिल्ली स्थित नाइजीरियन से हेरोइन लाकर ट्राइसिटी में बेचते थे
पुलिस को देखकर आरोपियों ने दौड़ाई कारें
जानकारी के मुताबिक, सीआईए इंस्पेक्टर गुरचरन सिंह की अगुवाई में लालड़ू थाने की अगुवाई में पुलिस ने लहिली चौक के पास मौजूद थी। तभी पुलिस ने सफेद रंग की स्विफ्ट कार को आते देखा। कार में चार व्यक्ति सवार थे। इनमें निखुल कटियाल, चरनजोत सिंह, हरप्रीत सिंह, सुखबीर सिंह उर्फ सुक्खी शामिल थे। इनसे 140 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। जबकि इन आरोपियों का एक साथी गगन कुमार एक अलग टाटा इंडिगो कार में सवार होकर जा रहा था। जो कि पुलिस को देखकर भाग गया। जिसे बाद में पुलिस ने पीछा कर काबू किया। उससे पुलिस ने 45 ग्राम हेरोइन बरामद की है।
10वीं से बीसीए पास हैं तस्कर
आरोपी निखुल कटियाल 27 साल का है। उसने बीसीए की पढ़ाई की है। उस पर चंडीगढ़ में एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। 29 वर्षीय चरनजोत सिंह ने एमए कर रखी है। वह इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 स्थित एयरलाइन कंपनी में नौकरी करता है। हरप्रीत सिंह(26) बीटेक पास है। सुखबीर सिंह उर्फ सुक्खी 27 साल का है। दसवीं पास है। उस पर थाना सदर खरड़ में एनडीपीएस तहत केस दर्ज है। आरोपी गगन कुमार 33 साल है। उसने ग्रेजुएशन की हुई है। चंडीगढ़ में होमगार्ड की नौकरी करता था। उस पर पहले एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज है।
छह महीने से थे इलाके में सक्रिय
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली स्थित उत्तम नगर से नाइजीरियन से सस्ते रेटों पर हेरोइन लाकर चंडीगढ़ के आसपास के एरिया में बेचते थे। वह इलाके में अपनी जान पहचान करके अपने ग्राहक को फंसाते थे। करीब पांच व छह महीने लगातार बस व अपनी कारों से हेरोइन की सप्लाई करते थे।