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मोहाली: जिला शिक्षा अधिकारी का जूनियर सहायक एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया

Thu, 22 Jul 2021 12:22 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)

सार

विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली में जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंटरी दफ्तर के जूनियर सहायक प्रीतपाल सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक 10 लाख रुपये बकाया वेतन में से साढ़े छह लाख शिक्षक को मिलने थे जबकि साढ़े तीन लाख आरोपी को देने थे। आरोपी प्रीतपाल ने शिक्षक को कहा था कि वह उसके खाते में पैसे डालना शुरू कर देगा। शिक्षक ने इसकी जानकारी विजिलेंस को दी। विजिलेंस ने जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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विजिलेंस ब्यूरो फ्लाइंग स्क्वाड-1 ने जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंटरी दफ्तर का जूनियर सहायक प्रीतपाल सिंह को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वह एक ईटीटी शिक्षक का चार साल से बकाया वेतन दिलवाने के बदले में यह रकम ले रहा था। विजिलेंस ने उसे उसके घर से ही गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर ले लिया है। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। 

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जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में विजिलेंस की यह पहली कार्रवाई है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पड़ताल की जा रही है। अगर किसी अन्य व्यक्ति की भी इस केस में भूमिका सामने आती है, तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस संबंध में विजिलेंस को दी शिकायत में फेज-11 निवासी करमजीत सिंह ने बताया था कि वह ईटीटी शिक्षक है।

23 नवंबर 2015 को थाना मटौर की पुलिस ने उसे एनडीपीएस केस में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे शिक्षा विभाग ने मुअत्तल कर दिया था। हालांकि उसे करीब दो साल मुअत्तली भत्ता मिलता रहा लेकिन बाद में उसके खाते में पैसे आने बंद हो गए। जबकि 14 नवंबर 2019 में वह केस में बरी हो गया था। इसके बाद विभाग ने 28 नवंबर, 2019 को उसे बहाल करके सरकारी प्राइमरी स्कूल कराला में तैनात किया था।
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इसके बाद उसे उसका स्थायी वेतन मिलना शुरू हो गया था। लेकिन उसके मुअत्तल के समय का बकाया वेतन की रकम बाकी रह गई थी। जो कि अभी तक नहीं मिली थी। इसलिए अपना बकाया वेतन लेने के लिए उसका जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में आना-जाना लगा रहता था। यहीं, उसकी आरोपी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान आरोपी ने उसे कहा था कि वह उसकी चार साल की वेतन की बकाया रकम दिलवा देगा लेकिन इसके लिए 40 फीसदी रिश्वत लेगा। बाद में दोनों की डील पैंतीस फीसदी पर तय हुई थी। 

जानकारी के मुताबिक 10 लाख रुपये बकाया वेतन में से साढ़े छह लाख शिक्षक को मिलने थे, जबकि साढ़े तीन लाख आरोपी को देने थे। आरोपी प्रीतपाल ने शिक्षक को कहा था कि वह उसके खाते में पैसे डालना शुरू कर देगा। साथ ही रकम आने के बाद उसे बनता हिस्सा देना होगा। इसी बीच उसने इस मामले में विजिलेंस को शिकायत दे दी थी। इसके साथ ही विजिलेंस की टीम ने उसे ट्रैप लगाकर आरोपी को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। 

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