करोड़ों के पंचायती फंड घोटाले का आरोपी पंचायत सेक्रेटरी गिरफ्तार
विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दबिश देकर किया काबू
अदालत ने आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। गांव मनौली में हुए करोड़ों रुपयों के पंचायती फंड घोटाले के एक और आरोपी को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पंचायत सेक्रेटरी रविंद्र सिंह निवासी गांव मोटेमाजरा के रूप में हुई है। आरोपी को अदालत ने 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया है। अब विजिलेंस आरोपी से पूछताछ करेगी।
करीब 7 साल पहले गमाडा द्वारा गांव मनौली की 115 बीघे 10.54 बिसवे जमीन एक्वायर की गई थी। इस जमीन का वर्ष 2012 में गांव की पंचायत को करीब 40.50 करोड़ की राशि प्राप्त हुई थी। यह राशि ग्राम पंचायत द्वारा अपने अलग-अलग बैंक अकाउंट में जमा करवाई गई थी। एक बैंक खाता गांव बाकरपुर स्थित प्राइवेट बैंक में उस समय के सरपंच अवतार सिंह के साथ-साथ बीडीपीओ, पंचायत सेक्रेटरी की मोहरें व हस्ताक्षरों में खुलवाया गया था। उस खाते में से 25 हजार से अधिक राशि निकलवाने के लिए तीन अकाउंट होल्डरों के हस्ताक्षर किए जाने जरूरी थे। वर्ष 2016 में दो करोड़ की राशि ग्राम पंचायत मनौली के पंजाब नेशनल बैंक वाले खाते से निकलवाकर उसे गांव बाकरपुर स्थित प्राइवेट बैंक एचडीएफसी वाले खाते में जमा करवाया गया। बाद में इस अकाउंट में से राशि कौड़ा सीमेंट स्टोर, कौड़ा आयरन स्टोर, लाडी सीमेंट स्टोर को भुगतान करके खाता बंद करवा दिया गया। हैरानी इस बात की रही कि इन फर्मों से कोई सामान की खरीद नहीं की गई बल्कि भुगतान कर दिए गए।
ऐसे दर्ज हुआ था केस
विजिलेंस ने उस समय के बीडीपीओ जतिंद्र सिंह ढिल्लों, बीडीपीओ मलविंद्र सिंह, पंचायत सेक्रेटरी रविंद्र सिंह, हाकम सिंह, गांव मनौली के पूर्व सरपंच अवतार सिंह, हरदीप सिंह निवासी गांव जुझार नगर (सनौर) जिला पटियाला, बलजिंद्र सिंह निवासी गांव संतेमाजरा (मोहाली), राजिंद्र सिंह निवासी गांव बनूड़, गुणतास संधा उर्फ गिन्नी निवासी चंडीगढ़, नवीन कौर ढिल्लों निवासी सेक्टर-69, मोहाली के खिलाफ प्रीवेनशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं 13(1)(ए) व आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत केस दर्ज कर लिया था।