विजिलेंस ने दाखिल किया जवाब, केस ट्रांसफर करने की अर्जी वापस ली
जिला अदालत में हुई अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले की सुनवाई
विजिलेंस ने कहा कि बीर दविंदर की एप्लीकेशन आधारहीन, कैंसिल की जाए
अमित शर्मा
मोहाली।
अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में पंजाब विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह की तरफ से साढे़ चार महीने पहले दायर की गई याचिका का जवाब विजिलेंस ने सोमवार को अदालत में दाखिल कर दिया। जिसमें विजिलेंस ने साफ कहा है कि बीर दविंदर द्वारा दाखिल याचिका आधारहीन थी। ऐसे में इसे खारिज किया जाए। मामले में राज्य के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी आरोपी हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सात अप्रैल निश्चित की है। दूसरी तरफ जज बदलने के लिए जिला सेशन कोर्ट में नछत्तर सिंह मावी और अन्य आरोपियों द्वारा लगाई गई याचिका पर सोमवार को फैसला आना था। उससे पहले ही आरोपियों ने अपनी अर्जी वापस ले ली।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ विजिलेंस ने इस केस को कैंसिल करने के लिए याचिका दाखिल की थी। अदालत ने फिर से मामले की जांच के आदेेश विजिलेंस को दिए थे। इसी बीच विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर ने एक अर्जी दी थी। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे को उन्होंने उठाया था। ऐसे में उन्हें सरकारी गवाह बनाया जाना चाहिए। जबकि विजिलेंस ने उनकी स्टेटमेंट तक रिकॉर्ड नहीं की थी। इसके बाद अदालत ने इस मामले में विजिलेंस व सरकार को नोटिस जारी कर तुरंत जवाब दाखिल करने को कहा था। विजिलेंस ने दाखिल जवाब में कहा है कि बीर दविंदर सिंह की तरफ से दायर की गई याचिका उचित नहीं है, उसे खारिज किया जा सकता है। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के करीब आठ साल बाद याचिका दायर की गई है। ऐसा लगता है कि प्रतिशोध निकालने के लिए अर्जी दी गई थी। क्योंकि बीर दविंदर को कांग्रेस पार्टी से बाहर से निकाल दिया गया था। साथ ही उसकी प्राथमिक मेंबरशिप भी रद्द कर दी गई थी।