जीरकपुर/बनूड़/लांडरां। एरोसिटी में निर्माणाधीन एक कोठी में काम करने वाले मजदूर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने ठेकेदार पर हत्या की आशंका जताई है, जबकि ठेकेदार ने आरोपों को नकार दिया। वहीं, पहले मामला सीमा विवाद में उलझा रहा, बाद में जीरकपुर से पुलिस टीम पहुंची तो परिजनों ने शव उठाने नहीं दिया और आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए डेराबस्सी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। एएसआई भूपिंदर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
मनोज कुमार ने बताया कि उसका भाई सुबोध कामत (32) पुत्र भजन कामत निवासी बिहार एरोसिटी के ब्लाक-जी की कोठी नंबर 6544, जोकि मनजीत सिंह पुत्र संत सिंह की है, में ठेकेदार केसर सिंह पुत्र हजारा सिंह के साथ टायलें लगाने का काम कर रहा था। सुबोध ठेकेदार का खाना भी बनाता था। मनोज ने बताया कि मंगलवार सुबह 11 बजे उसे ठेकेदार केसर सिंह का फोन आया कि उसके भाई सुबोध की मौत हो गई है। वह घटनास्थल पर पहुंचा तो सुबोध दूसरी मंजिल पर मृत अवस्था में पड़ा था। उसके साथ ही रूम में थाली में रोटी भी पड़ी थी। उसने कहा कि ठेकेदार पर हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि सुबोध को मारकर वहां फेंका गया है। वहीं, ठेकेदार केसर सिंह ने आरोपों को नकारते हुए बताया कि वह रात को नीचे सो रहा था जबकि सुबोध खाना लेकर दूसरी मंजिल पर चला गया। दूसरी मंजिल के साथ लकड़ी की सीढ़ी लगी हुई थी, उस पर चढ़ते समय सुबोध गिर गया और पूरी रात वहीं पड़ा रहा। वह सुबह सात बजे सुबोध का जगाने के लिए गया तो देखा कि वह मृत पड़ा है। उसने तुरंत कोठी के मालिक मनजीत सिंह को सूचना दी और उन्होंने जानकारी सोहाना पुलिस को दी। सोहाना पुलिस ने पल्ला झड़ते हुए कहा कि मामला एयरपोर्ट चौकी क्षेत्र का है। जब मौके पर एयरपोर्ट चौकी के अधिकारी पहुंचे तो उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र जीरकपुर थाने में पड़ता है। फिर मकान मालिक ने जानकारी जीरकपुर पुलिस को दी। इसके दो घंटे बाद में जीरकपुर से एएसआई भूपिंदर सिंह टीम के साथ पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। इस दौरान जब पुलिस टीम शव को उठाने लगी तो मृतक के भाई व अन्य परिजनों ने विरोध किया और कहा कि पहले ठेकेदार को गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद ही शव को उठाएं। इस पर एएसआई भूपिंदर सिंह ने परिजनों को समझाकर शांत किया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया।