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किसान के सात पशुओं की मौत

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गांव नियामियां में सात पशुओं की मौत, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी बेहोश
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- मरने वाले पशुओं में छह गाय व एक बैल शामिल
- कर्ज लेकर किसान ने खरीदे थे सारे पशु
- पशुपालन मंत्री ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश

अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। गांव नियामियां में एक किसान के सात पशुओं की एक साथ संदिग्ध हालत में मौत का मामला सामने आया है। इन पशुओं मेें छह गाय व एक बैल शामिल है। इस दौरान मामले की जांच के लिए पहुंचे दो डॉक्टर भी दवाई के असर से बेहोश हो गए। जबकि किसान को संदेह है किसी ने उन्हें कोई जहरीली चीज खिलाई है। वहीं, कै बिनेट मंत्री व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। ताकि सारे मामले की सच्चाई को सामने लाया जा सके। वहीं, मंत्री ने पीड़ित परिवार को पूरा सहयोग देने की बात कहीं है।

ऐसे तोड़ा पशुओं ने दम
किसान ने बताया कि उसने रात 12 बजे बाहर से अंदर बांधी थी। इस दौरान पहले उसकी एक गाय कांपने लगी। इस बीच वह जमीन पर गिर गई। इसके बाद उसकी अन्य गाय भी एक-एक कर जमीन पर गिरनी शुरू हो गई। इसी दौरान उसकी चार गायों की मौत हो गई। वहीं, बाहर खड़ी दो गाय व एक पशु की मौत हो गई। इसके बाद गांव निवासी ने इस बारे में पशुपालन मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को सूचित किया। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के डॉक्टर को गांव भेजा। वहीं वेरका मिल्क प्लांट के चेयरमैन मोहन सिंह डूमेवाल ने भी डॉक्टरों की एक टीम गांव में भेजी।
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खुरली से मिली जहरीली दवाई
जब डॉक्टरों की टीम ने गांव जाकर जांच की तो पशुओं की खुरली से जहरीली दवाई फैराडान के अंश मिले है। जिसे सूंघने से दो डॉक्टर भी बेहोश हो गए। इससे साफ है कि किसी व्यक्ति ने पशुओं को मारने के लिए कोई जहरीली दवाई दी थी। डॉक्टरों की टीम ने मृतक जानवरों की पोस्टमार्टम की। साथ ही पशुओं को गहराई में दबाने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद पशुओं को दबाया गया।
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कर्जा लेकर लिए थे पशु
जानकारी के मुताबिक किसान प्यारा सिंह ने सहायक धंधों की तर्ज पर पशुपालन भी कर रहे थे। उन्होंने अपनी जमीन के ऊपर लिमिट करवाकर बैंक से कर्जा लेकर छह गाय खरीदी थी। उसकी चार गाय गर्भवती थी।
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