फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोहाली में पकड़े गए आरोपियों से सुलझे पंचकूला के केस

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली में पकडे़ गए आरोपियों ने पंचकूला में गन प्वाइंट पर लूटी थीं तीन कारें
विज्ञापन

एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोपियों के बारे में किया खुलासा
आरोपियों के गैंगस्टरों से हो सकते हैं संबंध, जांच मेें जुटी पुलिस
आरोपियों के पास से तीन पिस्टल व अन्य सामान हुआ रिकवर
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
जीरकपुर स्थित मैरिज पैलेस से गन प्वाइंट पर फॉर्च्यूनर लूटने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी मैरिज पैलेसों और सुनसान जगहों से गाड़ियां लूटने का काम करते थे। आरोपियों के काबू आने से जहां पंचकूला की तीन और जगराओं की कार लूट की एक वारदात सुलझी है। वहीं, पुलिस को अंदेशा है कि आरोपियों के संबंध गैंगस्टरों से हो सकते हैं। इस बात की जांच भी पुलिस द्वारा की जा रही है। यह खुलासा वीरवार को एसएसपी आफिस मेें प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने किया।
उन्होंने बताया कि आरोपियों से तीन पिस्तौल व दो लूटी कारें भी बरामद हुई हैं। पुलिस आरोपियों के बारे में पड़ताल कर रही है। आरोपियों में अजयपाल सिंह गांव मूसेवाल निवासी थाना कोट जिला मोगा, हरसिमरन सिंह उर्फ तजिंदर सिंह निवासी मकान नंबर-15, गली नंबर-20, टोका वाली वस्ती थाना कैंट फिरोजपुर और अमरदीप सिंह उर्फ लोहगढ़ थाना कुलगडी, जिला फिरोजपुर शामिल है। आरोपियों पर आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इनके पकड़े जाने से कई और वारदातें सुलझेंगी।
विज्ञापन


इन तीन गलतियों से पकड़े गए
सीआईए स्टाफ गुरतेज सिंह फेज-सात में रहते हैं। हालांकि उनकी बुधवार को छुट्टी थी। वह घर के बाहर सैर कर थे। इस दौरान मकान नंबर-1032 के सामने उन्होंने एक अज्ञात फॉर्च्यूनर कार खड़ी देखी। उस पर धूल जमी थी। जीरकपुर से गन प्वाइंट पर जो कार लूटी गई थी, उसका नंबर मुलाजिम को याद था। जब वह कार के पास गए तो उस पर नंबर कोई और था। जबकि फॉर्च्यूनर के शीशे पर गायब हुई कार का नंबर खुदा था। गुरतेज को लगा कि यह कार चोरी की है। उन्होंने अपने अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया, जिसके बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। साथ ही पीजी में रहने वाले युवाओं से इस बारे में पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया।

ये चार मामले हुए हल
1. आठ अक्तूबर 2015 को क्रॉस होटल पंचकूला के पास एक इनोवा यूपी 32 एफजेड 7970 गन प्वाइंट पर लूटी। इस संबंध में पंचकूला थाने में 549 नंबर एफआईआर दर्ज है।
2. 15 नवंबर 2017 को गन प्वाइंट पर सागर रत्ना व बर्न जिम पंचकूला के सामने वरना कार नंबर एचआर 03 यू 1355 लूटी थी। इस मामले में सात जनवरी 2018 को पंचकूला में मुकदमा नंबर 618 दर्ज किया गया।
3. छह जनवरी 2018 को गन प्वाइंट पर बरीओ एस्टेट एससीओ नंबर 351 पंचकूला से एक फॉर्च्यूनर पीबी 11 बीएस 0010 लूटी थी। इस संबंध में मामला नंबर सात पंचकूला में दर्ज है।
4. मुल्लांपुर जगराओं स्थित सोना ग्रेड पैलेस के नजदीक से फॉर्च्यूनर 10 एफयू 0501 पंद्रह अगस्त 2017 को लूटी थी। इस मामले में वहां पर 224 नंबर मुकदमा विभिन्न धाराओं में दर्ज है।

25 टीमें कर रही थी मामले की जांच
एसएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि जब यह मामला सामने आया था। उसके बाद इस मामले की जांच के लिए उन्होंने 25 टीमें गठित की थीं। इनमें सर्च टीम से लेकर तकनीकी माहिर सब शामिल थे। इसके साथ ही एसयूवी पर विशेष नजर रखी जा रही थी।

पेट्रोल पंप की रिकॉर्डिंग चेक की गई
जब फॉर्च्यूनर लूटी गई थी, उस समय पुलिस ने कार मालिक से पूछा था कि वाहन में कितना तेल है। इससे पुलिस को पता चल गया था कि आरोपी ज्यादा दूर नहीं जा सकते हैं। आरोपियों को गाड़ी आगे ले जाने के लिए तेल डलवाना होगा। ऐसे में पुलिस की टीम ने पेट्रोल पंपों पर जाकर सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग चेक की थी।

वेरिफिकेशन न करवाने पर पीजी मालिक पर केस दर्ज
जानकारी के अनुसार, आरोपी फेज-सात में चार महीने से पीजी रह रहे थे। मकान मालिक की ओर से पीजी में रहने वाले युवकों की वेरिफिकेशन नहीं कराई गई थी। मकान मालिक का नाम वाईपी शर्मा बताया जा रहा है। मकान मालिक का कहना है कि आरोपी एक महीने से वहां पर रह रहे थे। मकान मालिक ने कहा कि आरोपियों ने एक महीने का किराया भी नहीं दिया था।
विज्ञापन


केस को निपटाने में सॉफ्टवेयर ने निभाई अहम भूमिका
इस केस को क्रेक करने में साफ्टवेयर ने अहम भूमिका निभाई है। वारदात के बाद पता चल गया था कि यह नंबर उक्त कार का नहीं है। इसके बाद साफ्टवेयर की मदद से पता चला कि उक्त कार पर लगाया गया नंबर सेंट्रो का है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें