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मोहालीः पहले कहा- गाड़ी में SSP हैं, फिर भागने की कोशिश की

Tue, 19 Apr 2016 01:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
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अपराधी - फोटो : अमर उजाला
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पीसीए स्टेडियम में रविवार को हुए किंग्स इलेवन और पुणे के बीच हुए मुकाबले को देखने आए दिल्ली के एक शराब व्यापारी के बेटे के बाउंसरों ने स्टेडियम के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने उनको काबू करके मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, बाद में पुलिस ने आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया। एक बाउंसर के पास पिस्तौल भी मिली। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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जानकारी के मुुताबिक, शराब व्यापारी पार्थ वाडिया पुत्र अशोक वाडिया निवासी दिल्ली अपने दोस्तों के साथ रविवार को पीसीए में मैच देखने आया था। वह अपनी वीआईपी नंबर वाली पार्श कार में सवार था। उसकी कार के आगे एक जिप्सी और पीछे एक सफारी गाड़ी चल रही थी। वाडिया की कारों के काफिला को जब स्टेडियम के पास नाके पर रोका गया। तो जिप्सी में से एक बाउंसर निकला और पुलिस अधिकारी पर धौंस जमाने लगा। उसने पुलिस अधिकारी से कहा कि पार्श कार में एसएसपी साहब बैठे हैं।

इस पर अधिकारी ने पूछा कौन व कहां के एसएसपी हैं। इसके बाद उसने तुरंत अपना बयान बदल दिया। इसके बाद उसने कहा दिया कि एसएसपी के रिश्तेदार हैं मैच देखने के लिए आए हैं। पुलिस अधिकारी को शक हुआ तो बाउंसर भी घबरा गया। इसके बाद बाउंसर ने गाड़ियों को घुमाया और दूसरी ओर ले गया। इतने में पुलिस अधिकारी ने वायरलेस पर मैसेज फ्रैल कर दिया कि तीन गाड़ियों पर कुछ लोग सवार हैं। इनकी जांच की जाए। जब गाड़ियों का काफिला गेट नंबर-1 के पास नाके पर पहुंचा तो पुलिस ने गाड़ियों को रोक लिया।
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पार्श गाड़ी में सवार पर्थ वाडिया और उसके दोस्त को बाहर निकाला। पुलिस ने बाउंसरों और गाड़ियों की चेकिंग की। इस दौरान सफारी गाड़ी में एक लाइसेंसी पिस्तौल मिली। जो कि जतिंदर कुमार नामक बाउंसर की थी। पिस्तौल का लाइसेंस यूपी का था। इस पिस्तौल को जतिंदर सिर्फ यूपी में ही लेकर चल सकता है। इसके बाद पुलिस ने जतिंदर को काबू कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने पार्थ वाडिया और उसके दोस्त समेत नौ लोगों को काबू कर लिया।

पुलिस सभी आरोपियों को फेज-8 के थाने ले गई। इसके बाद इन पर झूठी जानकारी देने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने गाड़ियों को भी जब्त कर लिया। पार्थ वाडिया और उसके दोस्त व दो ड्राइवर व कुछ बाउंसरों सहित नौ लोगों को पुलिस ने जमानत पर छोड़ दिया। पर जतिंदर नाम के बाउंसर के खिलाफ आर्म एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

नेस वाडिया का भतीजा तो नहीं पार्थ
पीसीए के बाहर हुए हंगामे को लेकर सोमवार को पूरे दिन चर्चा रही कि पार्थ वाडिया किंग्स इलेवन पंजाब टीम के मालिक नेस वाडिया का भतीजा है। लेकिन, पुलिस ने इसका खंडन किया।

सिर्फ पार्श पर लगा था पार्किंग का पास
मैच देखने के लिए दिल्ली से मोहाली आए शराब कारोबारी का बेटा पार्थ वाडिया की पार्श कार पर ही सिर्फ गेट नंबर 1 की पार्किँग का पास लगा था। बाकी की गाड़ियों में पास नहीं था। इस कारण वाडिया के बाउंसरों ने पुलिस पर रौब दिखाने की कोशिश की पर वह कामयाब नहीं हो सके।

पार्थ को  नहीं पता क्या कहा बाउंसरों ने
सूत्रों के मुताबिक, पार्श कार में सवार पार्थ वाडिया के बाउंसरों ने नाके पर पुलिस को क्या कहा उनको भी इस बात की जानकारी नहीं थी। यह तो उनको पुलिस कार्रवाई के दौरान पता चला कि बाउंसर पुलिस पर एसएसपी और नेस वाडिया का नाम लेकर रौब दिखा रहे थे।
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