मोहाली। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नैनो साइंस एवं टेक्नोलॉजी संस्थान (आईएनएसटी) में चंडीगढ़ में 6 से 9 दिसंबर तक चंडीगढ़ में होने वाले विज्ञान महोत्सव आईआईएसएफ-2025 के बारे में पूर्वावलोकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। फेज-11 के स्कूल ऑफ एमिनेंस के 50 छात्र एवं शिक्षक इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नैनो साइंस शोध गतिविधियों से विद्यार्थियों को रूबरू कराना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत वैज्ञानिक-जी डॉ. सुरजीत करमाकर ने की। उन्होंने छात्रों को विज्ञान महोत्सव आईआईएसएफ की थीम, उद्देश्य व महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह आईआईएसएफ-2025 (इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल) देश का सबसे बड़ा विज्ञान उत्सव है। इसमें भारतीय विज्ञान की उपलब्धियों को विश्व के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। डॉ. दीपिका शर्मा ने नैनो साइंस और नैनो टेक्नोलॉजी पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि नैनो तकनीक कैसे चिकित्सा, पर्यावरण, ऊर्जा और उन्नत सामग्री तैयार करने में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।