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गांव बगिंडी में दो साल पहले जगी विकास की उम्मीद कोरोना ने तोड़ी, पुलों का काम बीच में ही अटका

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मुल्लांपर (नयागांव)। राज्य की राजधानी से से मात्र तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव बगिंडी के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। यहां पर जरा सी बारिश होने पर गांव का संपर्क राजधानी समेत पूरे पंजाब से टूट जाता है। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है। बरसात के दिन गांव वालों के लिए आफत वाले होते हैं। इसमें न तो लोगों को रोजगार मिल पाता है और न ही लोग अच्छे तरीके से जीवन जी पाते हैं। हालांकि दो साल पहले यहां पर विकास की कुछ उम्मीद भी जगी थी, लेकिन कोरोना ने पूरा काम रोक कर रख दिया है।
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जानकारी के मुताबिक गांव जाने वाली सड़क पर चार नाले पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी मशक्कत से दो पुलों का काम शुरू करवाया गया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण पिछले एक डेढ़ साल से काम न होने के कारण अब तक पुलों का कार्य पूरा नहीं हो सका है। ग्रामीणों का मुख्य रोजगार मेहनत मजदूरी करना है। लेकिन बरसात के दिनों मे पानी से रास्ता बंद होने के कारण मजबूरन बेरोजगार बैठना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया की उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, घर-घर शौचालय जैसी योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है। अधिकतर ग्रामीणों के घर कच्चे हैं। जिनको पक्का कराने के लिए सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है। साथ ही लोगों के पास शौचालय भी नहीं है। गांव मे पीने के पानी की भी समस्या है। पूरे गांव मे एक ट्यूबवेल लगा है। जिससे गांव के ऊपरी हिस्से के घरों में पानी नहीं पहुंचता है। गांव की गलियां कच्ची पड़ी हुई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार हमारे गांव के विकास की तरफ कोई ध्यान नहीं देती है।
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कोरोना के कारण विकास कार्य पर थोड़ा फर्क पड़ा है। अभी गांव के सभी कार्य शुरू करवा दिए गए हैं। गांव में श्मशान घाट की दीवार का काम चल रहा था जो कि पूरा हो चुका है, साथ ही गांव में गलियों को पक्का करने के लिए सामान भेज दिया गया है, जल्दी काम शुरू हो जाएगा।
- जसप्रीत सिंह, बीडीपीओ, ब्लॉक माजरी।
चुनाव से पहले करवाए जाएं विकास कार्य
कोरोना महामारी के कारण विकास कार्यों की रफ्तार धीमी हो गई है कुछ महीने बाद चुनाव अचार संहिता लग जाएगी, सरकार से अपील है कि अधूरे पड़े कार्यों को जल्द से जल्द पूरे करवाएं, ताकि इलाकावासियों को राहत मिल सके। गरीब लोगों के मकान कच्चे हैं और लोगों के पास शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। सरकार से अपील है कि सरकार इसके लिए लोगों की मदद करे।
- सुरिंदर कौर, सरपंच
गांव की गलियां अभी भी हैं कच्ची
गांव में काफी गलियां कच्ची पड़ी हुई हैं, जिनका जल्द से जल्द निर्माण किया जाना चाहिए। सरकार की तरफ से गांव में पानी के लिए एक ट्यूबवेल लगाया है, लेकिन उसका पानी गांव के ऊपरी हिस्से तक नहीं पहुंच पाता। कोरोना के कारण गांव के विकास कार्यों में रुकावट आई है, उम्मीद है कि अभी कुछ काम पूरे हो पाएंगे।
- गुरमेल कौर, पंच।
दो साल में पूरा नहीं हुआ रोड का निर्माण
गांव कसौली से रोड का निर्माण कार्य किया जाना था जो कि लगभग 2 साल पहले शुरू हुआ था। पिछला एक साल पूरी कोरोना महामारी के कारण काम बंद रहा और आज तक वह काम पूरा नहीं हो पाया है जिस कारण गांव के लोगों को बरसात के दिनों में बाहर जाने का रास्ता न होने के कारण बेरोजगार बैठना पड़ता है।
- मलकीत सिंहख् पंच
ट्रांसपोर्ट की कोई सुविधा नहीं
मैं 12वीं की पढ़ाई कर रहा हूं अभी तो क्लास ऑनलाइन चल रही है। लेकिन इससे पहले स्कूल आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। क्योंकि सरकार की तरफ से गांव तक रोड न होने के कारण ट्रांसपोर्ट की कोई सुविधा नहीं दी गई है। ऑनलाइन क्लास में भी लाइट न होने के कारण फोन चार्ज तक नहीं हो पाते। इससे हमारी क्लास भी छूट जाती हैं।
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- कमलजीत सिंहख् छात्र
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