जीरकपुर। बलटाना क्षेत्र के गोल्डन एस्टेट में कुछ लोगों द्वारा नाले के ऊपर अवैध तरीके से निर्माण शुरू किया तो स्थानीय लोगों ने उसकी शिकायत कर दी। इसके बाद नगर परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर काम बंद करवाया। वहां का न तो कोई नक्शा पास है। निर्माणाधीन साइट के नीचे से बरसाती नाला निकल रहा है। स्थानीय लोगों ने तीन माह पहले शिकायत की थी। तब काम रुकवा दिया गया था। स्थानीय निवासी बबली पुष्पा, सुमन, शिवानी गोयल, सरोज, दिनेश कुमार, लक्ष्मी, प्रेमी और गुड्डू ने बताया के उनकी सोसाइटी में एक प्लाट के नीचे से बरसाती नाला निकलता है। कुछ लोगों द्वारा वहां पर निर्माण कर कुछ बनाया जा रहा था। इसकी नगर परिषद को शिकायत की तो टीम ने आकर काम बंद करवा दिया है। तीन माह पहले भी इन्हीं लोगों ने यहां मकान बनाना शुरू किया था तो उस समय भी नगर परिषद ने काम बंद करवा दिया था। इसका कोई नक्शा भी पास नहीं है। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि यदि इस नाले पर मकान या कोई भी निर्माण होता है तो वह बेहद खतरनाक हो सकता है। क्योंकि बरसात के दिनों में यह नाला काफी भर जाता है। पिछले वर्ष तो नाले की जमीन भी धंस गई थी। गोल्डन एस्टेट से निकलने वाले इस नाले के कारण इस एरिया में बरसाती दिनों में काफी पानी भर जाता है। पिछले दो वर्षों से नाला अंडरग्राउंड कर दिया गया है लेकिन फिर भी मिट्टी धंसने व नाला टूटने का खतरा बना रहता है।
कई घरों के नीचे से निकलता है नाला
बलटाना क्षेत्र में गोल्डन एस्टेट में कई ऐसे घर अभी भी मौजूद हैं जिनके नीचे से नाला निकलता है। हैरानी की बात यह है कि घकों के नीचे लगातार पानी चलने की आवाज आती है। इस कारण यहां रहने वाले लोग अक्सर खतरे में ही रहते हैं। जुलाई 2023 में आई बाढ़ के कारण नाला कई जगहों से धंस गया था और कई घरों की दीवारों में दरारें भी आ गई थी। ढकोली क्षेत्र में तो नाले के नजदीक एक घर का आधा हिस्सा ही गिर गया था। नियमों की बात करें तो कोई भी घर नाले से दूर बनाया जाना चाहिए लेकिन यहां तो घर ही नाले के ऊपर बने हुए हैं। यह नगर परिषद की लापरवाही और बिल्डरों के लालच का नतीजा है जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यही कारण है के गोल्डन एस्टेट के लोग अब किसी नाले पर घर बनाने का विरोध कर रहे हैं। बिल्डर घर बेचकर निकल जाता है, भुगतना लोगों को पड़ता है।
हमें दो जगह की शिकायतें मिली थी। बलटाना के गोल्डन एस्टेट और ढकोली की पिंक सिटी दोनों जगह काम बंद करवा दिया गया है। दोनों पार्टियों को नक्शे लेकर ऑफिस में जांच करवाने के लिए बोला गया है। किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। - अजय बराड़, बिल्डिंग इंस्पेक्टर।