जब चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया था, उसके बाद से समझा जा रहा था कि बलबीर सिंह सिद्धू को वे अपने मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करेंगे। क्योंकि सिद्धू को कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है।
पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अब अपने जिले और कैप्टन गुट से नाराज चल रहे नेताओं को साधने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में सोमवार रात वह अपने गृह जिले मोहाली के दिग्गज नेता और पूर्व सेहत मंत्री एवं विधायक बलवीर सिंह सिद्धू के घर पहुंचे। इस दौरान खजाना मंत्री मनप्रीत बादल और कांग्रेसी नेता हरीश चौधरी भी मौजूद रहे। इस संबंधी कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए गए हैं। जिसमें दिखाने की कोशिश की जा रही है कि सब कुछ ठीक चल रहा है।
जब चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया था, उसके बाद से समझा जा रहा था कि बलबीर सिंह सिद्धू को वे अपने मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करेंगे। क्योंकि सिद्धू को कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है। हालांकि वे पार्टी के दिग्गज नेता हैं और इलाके में उनका बहुत अच्छा रसूख है। वह पंजाब के उन नेताओं में शामिल हैं जो उस समय भी चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे, जब राज्य में अकाली दल की सरकार थी।
हालांकि जब चन्नी के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली तो सिद्धू ने सबसे पहले प्रेस कांफ्रेंस कर सवाल उठाया था कि आखिर उनका क्या कसूर है। कोरोना काल में उन्होंने शानदार काम किया है। इसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि सिद्धू नाराज चल रहे हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में पार्टी को नुकसान न हो, इस बात को भांपते हुए पहले दिन से ही सिद्धू को मनाने की कोशिश की गई थी। इस दौरान पहले मुख्यमंत्री ने खुद फोन कर सिद्धू से बात की थी। इसी तरह पार्टी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और राजा वड़िंग भी सिद्धू को फोन करके कह चुके हैं कि पार्टी उनके साथ हैं। इसी बीच सोमवार रात सिद्धू को मनाने के लिए सभी लोग उनके घर पहुंच गए।
बेटे की शादी का न्योता भी दिया
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री, खजाना मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता करीब 2 घंटे तक सिद्धू के घर पर रुके। इस दौरान राज्य की राजनीति पर चर्चा हुई। वहीं जाते-जाते चन्नी ने सिद्धू को अपने बेटे की शादी का न्योता भी दिया।