चंडीगढ़ की हवा अभी भी साफ नहीं है। सोमवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 229 तक पहुंच गया। यह खराब की कैटेगरी में आता है। सिटी ब्यूटीफुल, जहां पेड़ों की संख्या काफी ज्यादा है, का एक्यूआई पिछले कई दिनों से खराब की श्रेणी में बना हुआ है। अगर कई दिनों तक एक्यूआई 300 के पार रहेगा तो शहर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) को लागू किया जाएगा।
सेक्टर-52 के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन पर सोमवार दोपहर तीन बजे एक्यूआई 229 दर्ज किया गया। इसके बाद भी एक्यूआई 150 और 200 के बीच रहा। अन्य एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थिति भी ऐसी ही रही, जबकि रविवार को एक्यूआई 273 तक पहुंच गया था। अनुमान जताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में एक्यूआई 300 पार कर जाएगा।
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पर्यावरण विभाग के निदेशक टीसी नौटियाल ने बताया कि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स अभी पिछले साल के मुकाबले बेहतर स्थिति में है लेकिन फिर भी विभाग ने कड़ी नजर रखी हुई है। कहा कि अगर लगातार दो दिन तक शहर का एक्यूआई 300 से ज्यादा रहता है और आने वाले दिनों में भी स्थिति खराब रहने का अनुमान होता है तो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) को लागू किया जाएगा। इसमें पाबंदी लगाने समेत कई फैसले लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अभी मध्यम स्तर पर एक्यूआई होने पर लिए जाने वाले फैसले और दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। बता दें कि हवा प्रदूषित होने से सुबह के समय हल्की स्मॉग की चादर छा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि दिल और दमा के मरीजों को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अगर यह लंबे समय तक रहा तो लोगों को कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है।
पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली मुख्य कारणः नौटियाल
टीसी नौटियाल ने कहा कि शहर की हवा खराब होने के पीछे मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली है। अगर आने वाले दिनों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती हैं तो इसका असर चंडीगढ़ पर भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा शहर में गाड़ियों की संख्या काफी ज्यादा है। बहुत बड़ी संख्या में गाड़ी पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से भी आते हैं, एक्यूआई पर इसका असर भी हो रहा है।
सांस के मरीज इसका रखें ध्यान
- सांस के मरीज सुबह-शाम टहलने के लिए घर से बाहर न जाएं। इस दौरान प्रदूषण का स्तर ज्यादा होता है।
- अगर सांस की ज्यादा समस्या है तो घर से निकलना बिल्कुल बंद कर दें। बाहर जाना बेहद जरूरी ही है तो एन 95 मास्क पहने।
- अगर इन्हेलर का इस्तेमाल करते हैं तो उसे लेते रहें और डॉक्टर की बताई दवाओं का सेवन करते रहें।
- हरी सब्जियां और फलों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें। ध्यान दें पानी की कमी से समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- खांसी, सांस की समस्या से जुड़े किसी तरह के लक्षण दिखने पर खुद से दवाईयां न खाएं।
(यह जानकारी टीबी व फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश राणा ने दी।)