मोहाली। एक तरफ जहां मोहाली को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर की सड़कों की हालत इस दावे की पोल खोल रही है। शहर के कई प्रमुख सेक्टरों, मार्केट एरिया और रिहायशी इलाकों में सड़कें इतनी बुरी स्थिति में पहुंच चुकी हैं कि आम लोगों का चलना-फिरना दूभर हो गया है। फेज-3बी2, फेज-5, फेज-7 जैसे व्यस्त शॉपिंग स्ट्रीट हों या फिर सेक्टर-66, 70, 78 जैसे रिहायशी इलाके। हर जगह सिर्फ टूटे रास्ते, गड्ढे, जलभराव और कीचड़ देखने को मिलता है।
फेज-3बी2 की मार्केट को शहर की सबसे पुरानी और व्यस्त शॉपिंग स्ट्रीट माना जाता है। यहां की सड़कें इतनी ज्यादा टूटी हुई हैं कि ग्राहक आना ही नहीं चाहते। पार्किंग से दुकान तक पहुंचने में ही कपड़े और जूते कीचड़ से सने जाते हैं। गड्ढों में बारिश का पानी जमा होने से छोटे वाहन चालक अक्सर गिर जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक कम होने से व्यापार पर सीधा असर पड़ा है, लेकिन नगर निगम की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
फेज-5 की मार्केट का हाल भी कुछ अलग नहीं है। मार्केट में शोरूमों के पीछे सड़कों की हालत बद से बदतर बनी हुई है। उस पर भरे गंदे पानी से गुजरना लोगों की मजबूरी बन चुकी है। क्लिनिक, बैंक, रेस्टोरेंट और स्कूलों की मौजूदगी के चलते यहां दिनभर भारी आवाजाही रहती है, लेकिन टूटी सड़कें, जलभराव और ट्रैफिक जाम लोगों की मुसीबतें बढ़ा रहे हैं। फेज-7 की शॉपिंग स्ट्रीट पर हालात और भी खराब हैं। यहां बारिश के बाद पानी सड़कों पर भर जाता है। कीचड़ से पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। दुकानदारों के अनुसार, ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पाते, जिससे बिक्री गिर रही है। नगर निगम को कई बार शिकायतें भेजी गईं, लेकिन सिर्फ अस्थायी मरम्मत करके खानापूर्ति कर दी जाती है।
जनता त्रस्त, प्रशासन मौन
शहर के व्यापारियों, स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और गमाडा को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन दोनों विभाग जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते रहते हैं। नतीजा यह है कि सड़कें टूटी पड़ी हैं और जनता भुगत रही है।
क्या यही है स्मार्ट सिटी की तस्वीर
मोहाली को जब स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजनाएं बनाई गई थीं, तब उम्मीद थी कि बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, लेकिन आज की हकीकत यह है कि शहर की प्रमुख सड़कें टूटी हैं, पानी भरा है और लोग रोज हादसों का शिकार हो रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या यही स्मार्ट सिटी का असली चेहरा है।
बरसात के मौसम के बाद नई सड़कें बनाने और जहां रिपेयर की जरूरत है, उसका काम शुरू कर दिया जाएगा। - अमरजीत सिंह सिद्धू, मेयर मोहाली