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नहीं चली सिटी बस सर्विस, नींवपत्थर से आगे नहीं बढ़ा लोकल बस स्टैंड का काम

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मोहाली। वीआईपी जिला भले ही राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से सटा हुआ है, लेकिन 46 साल बीत जाने के बाद भी इलाके को लोकल सिटी बस सर्विस नसीब नहीं हुई। इतना ही फेज-एक में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया अंतरराज्यीय बस स्टैंड खंडहर बन रहा है। जबकि सेक्टर-78 में नए बनने जा रहे लोकल बस स्टैंड का काम नींव पत्थर से आगे नहीं बढ़ पाया है। लोग मजबूरी में खुले आसमान के नीचे चंडीगढ़ की बसों के सहारे जीवन चला रहे हैं। दूसरी तरफ ऑटो और टैक्सी वाले लोगों की मजबूरी का पूरा फायदा उठा रहे हैं। इतना ही नहीं इस चक्कर में आपराधिक वारदातेेंभी बढ़ रही हैं। मामला सरकार के ध्यान में है।
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जिले में तीन सब डिवीजन मोहाली, डेराबस्सी और खरड़ शामिल हैं लेकिन तीनों सब-डिवीजन से किसी ने सीधे डीसी ऑफिस या जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स आना हो तो कोई सीधी बस सर्विस नहीं है। हालात यह है कि व्यक्ति को जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स तक पहुंचने के लिए एक से दो बसें बदलनी पड़ती हैं या फिर निजी वाहन का प्रयोग करना पड़ता है। जिले के किस्सी भी हिस्से में आना-जाना हो तो कम से कम सौ रुपये खर्च आता है। जिले से तकरीबन तीस हजार लोग अपने काम के लिए मोहाली से चंडीगढ़ आते जाते हैं जिन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि लोकल सिटी बस सर्विस चलाने की कोशिश नहीं की गई।
नगर निगम मोहाली ने दस साल में दो बार सिटी बस सर्विस चलाने के लिए प्रस्ताव बनाए गए। इसमें दोनों बार अलग-अलग मॉडलों पर विचार किया गया। कोशिश यह थी कि सरकार पर किसी तरह का आर्थिक बोझ न पडे और सिटी बस सर्विस भी चल जाए लेकिन अभी तक फाइल ट्रांसपोर्ट विभाग से आगे नहीं बढ़ पाई है जबकि इलाके में बस क्यू शेल्टर से लेकर अन्य सारी तैयारियां पहले ही पूरी जा चुकी हैं।
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मोहाली से प्रमुख स्थलों की दूरी
मोहाली से जीरकपुर : 17.7 किलोमीटर
मोहाली से खरड़ : 9. 5 किलोमीटर
मोहाली से डेराबस्सी : 23.5 किलोमीटर
मोहाली से पीजीआई और पीयू : 13 किलोमीटर
मोहाली से मुल्लांपुर : 14 किलोमीटर
मोहाली से कुराली : 21.1 किलोमीटर
सिटी बस सर्विस के निगम ने बनाए दो प्लान
नगर निगम ने सिटी बस सर्विस चलाने के लिए 2015 में एक प्लान बनाया था। इसमें सभी नगर काउंसिलों व गमाडा को भी शेयरहोल्डर बनाया गया था। इसमें सभी को एक समान खर्च आना था। साथ ही बसे पूूरे जिले व चंडीगढ़ तक जानी थी। प्रस्ताव मंजूर होने के के बाद भी उसे निकाय विभाग से मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद इस बार विधानसभा चुनाव से पहले निजी बस ऑपरेटरों के सहयोग से सीएनजी बसें चलाने की योजना थी। इसमें कंपनियों को विज्ञापन से कमाई होनी थी। प्रोजेक्ट को निकाय विभाग से मंजूरी मिल गई लेकिन अब ट्रांसपोर्ट विभाग में अटका हुआ है। हालांकि विधायक कुलवंत सिंह अमर उजाला से साफ कह चुके हैं कि यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है और जल्द बसें चलाई जाएंगी।
खरड़ में बस स्टैंड का सपना अधर में
खरड़ को अभी तक बस स्टैंड नसीब नहीं हो पाया है। गत कांग्रेस सरकार ने चुुनाव से पहले इस संबंधी नींवपत्थर और करोड़ों रुपये का फंड पास किया था लेकिन अब जगह उपयुक्त न होने के चलते यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। खरड़ में बस स्टैंड के लिए अब नए सिरे से जमीन की तलाश की जा रही है ताकि लोगों का फायदा हो सके। इसी तरह मुल्लांपुर और अन्य एरिया में भी दिक्कत आती है।
सिटी बस सर्विस समय की जरूरत
पूरे जिले को जोड़ने के लिए लोकल सिटी बस सर्विस अब समय की जरूरत है। इसकी वजह से कई लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है। इतना ही नहीं कई महिलाएं और युवतियां इस चक्कर में निजी कंपनी में नौकरी ज्वाइन नहीं करती है क्योंकि इलाके में कोई सीधी बस सर्विस नहीं है। वहीं अन्य विकल्पों से खर्च पूरा नहीं होता है। -विक्रम धवन, वासी जीरपकुर
बस सर्विस से मिलेगा रोजगार
बस सर्विस चलाने के लिए सरकार को पहलकदमी करनी होगी। नगर निगम का मॉडल काफी अच्छा है। इससे लोगों को रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही लोगों का सफर भी आसान होगा। उन्होंने कहा कि मोहाली अभी तक विकसित हो चुका है। -सुमित गर्ग
क्या कहते हैं अधिकारी
जिस हिसाब से शहर बढ़ रहा है, उस हिसाब से सिटी बस सर्विस इलाके की जरूरत है। इस दिशा में प्रशासन की तरफ से प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही इस मामले सरकार से संपर्क करेंगे। साथ ही बस स्टैंड संबंधी संबंधित विभाग सारा विवरण मांगा जाएगा। कोशिश यही रहेगी कि लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। -अमित तलवार, डीसी
सिटी बस सर्विस चलाने के लिए नगर निगम की तरफ तैयार किए गए प्रस्ताव को निकाय विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्ताव अब ट्रांसपोर्ट विभाग को भेज दिया गया है। वहां से जैसे ही मंजूरी मिलेगी, उसके बाद इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। -कुलजीत सिंह बेदी, डिप्टी मेयर नगर निगम मोहाली
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